ग्वालियर :आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर के स्कूल आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाॅजी में बीटेक के छात्र प्रवास सिंह का ‘स्मार्ट बिजूका‘ एग्री हैकाथाॅन-2025 (नेशनल लेवल इनोवेशन चैलेंज) में चर्चा का विषय बना रहा। यह इनोवशन न सिर्फ किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से सुरक्षित रखेगा, बल्कि खेतों पर हो रही हर मूवमेंट की जानकारी भी असानी से घर पर बैठे किसानों को उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
प्रवास सिंह ने बताया कि मैं किसान परिवार से हूं। मेरे दादा केशव सिंह राजावत दिनरात खेतों पर काम कर फसलें उगाते हैं, लेकिन इसके बाद भी जंगली जानवर और पक्षी फसलों को उजाड़ कर रख देते हैं। अप्रैल 2025 में मैंने आईटीएम यूनिवर्सिटी ग्वालियर में स्कूल आफ कंप्यूटर साइंस में पदस्थ प्रोफेसर डाॅ. संजय जैन को अपनी यह परेशानी बताई। मैंने कहा कि ऐसा बिजूका बन जाये जो जानवर आते ही इंसानों की तरह हाथ-पैर चलाने लगे। बस यही चीज उन्होंने मुझे समझाई।
इसके बाद प्रोफेसर डाॅ. संजय जैन के मार्गदर्शन में स्मार्ट बिजूका तैयार करने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया और 45 दिन में इसे तैयार कर दिया। प्रवास सिंह ने बताया कि अप्रैल में जब स्मार्ट बिजूका बनाने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया था तो उसका स्ट्रक्चर मुझे ही पसंद नहीं आया। इसके बाद मन में परेशान होते किसानों की बात उठी तो एक बार फिर प्रोफेसर डाॅ. संजय के मार्गदर्शन में स्मार्ट बिजूका बनाना शुरू किया और 45 दिन में इसे तैयार कर दिया। छात्र प्रवास ने बताया कि यह स्मार्ट बिजूका आठ हजार रूपये में तैयार किया है। इसकी लागत कम करने पर काम कर रहा हूं, जिससे किसान इसे आसानी से खरीद सकें।
