इंदौर: खुड़ेल थाना क्षेत्र की प्रगति पार्क कॉलोनी में रिटायर्ड जस्टिस रमेश गर्ग के बंगले में हुई चोरी के दो दिन बाद भी पुलिस चोरों तक नहीं पहुंच सकी है. वारदात के तरीके से पुलिस को बाग-टांडा और देवास के कंजर गिरोह पर शक है. मामले में पुलिस की टीमें अलग अलग क्षेत्रों पर भेजी गई है.घटना रविवार तड़के करीब 4.35 बजे की है. तीन बदमाश बंगले में घुसे, जिनमें से दो सीधे जस्टिस गर्ग के बेटे ऋत्विक के कमरे में पहुंच गए. दूसरे कमरे में उनकी पत्नी और बच्चा भी मौजूद थे.
एक बदमाश लोहे की रॉड लिए पलंग के पास खड़ा रहा, जबकि दूसरा बदमाश अलमारी का लॉक तोड़ने में जुट गया. करीब एक मिनट में ताला तोड़कर वे वाउचर और नकदी की गड्डियां ले भागे. करीब 4.40 बजे बदमाश बाउंड्री फांदकर फरार हो गए. बंगला दो एकड़ में फैला है और कॉलोनी का इलाका अपेक्षाकृत सुनसान है. जांच में सामने आया कि चौकीदार उस समय ड्यूटी पर था, लेकिन वह चक्कर लगाकर आया था और उसे पता ही नहीं चला कि चोर अंदर घुस गए.
अलमारी का ताला टूटने पर अलार्म बजने की संभावना पर भी वह अनभिज्ञ रहा. चोरों ने चेहरे पर मास्क, सिर पर गमछा और हाथों में दस्ताने पहने थे, ताकि पहचान और फिंगरप्रिंट न छोड़े जाएं. पुलिस ने पांच टीमें जांच में लगाई हैं एक टीम बाग-टांडा, दूसरी देवास के कंजर गिरोह की तलाश में रवाना हुई है, एक टीम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जबकि बाकी टीमें पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड और अन्य सुराग खंगाल रही हैं. मामले में एडीसीपी रुपेश द्विवेदी इन टीमों की कमान संभाल रहे हैं, जबकि एसपी गिचेन डोलकर खुद मॉनीटरिंग कर रही हैं. रिटायर्ड जस्टिस गर्ग ने बताया कि जो भी जानकारी थी, वह पुलिस को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई पुलिस कर रही है. पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.
