
जबलपुर। पटवारी भर्ती परीक्षा 2022 पश्नों को विलोपित करने व तीन प्रश्नों के उत्तर गलत दर्शाने के मामले को हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले में कर्मचारी चयन बोर्ड को एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब पेश करने के निर्देश दिये हैं।
यह अपील भोपाल निवासी नितिन जैन की ओर से दायर की गई है। जिनकी ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ वर्मा ने पक्ष रखा। जिसमें कहा गया कि अपीलकर्ता नितिन जैन ने पटवारी भर्ती परीक्षा 2022 में भाग लिया था। उनका कहना है कि कर्मचारी चयन बोर्ड (ईएसबी) ने परीक्षा के 7 प्रश्न क्रमांक 6, 33, 46, 65, 126, 118, 124 को बिना ठोस कारण मनमाने ढंग से रद्द कर दिया और 3 प्रश्नों जिसमें प्रश्न क्रमांक 104, 131, 132 की उत्तर कुंजी गलत निर्धारित की। जिसके कारण उन्हें योग्य अंक नहीं मिल सके। आवेदक की ओर से कहा गया कि यदि उक्त त्रुटियों को सुधारा जाए तो वह चयन सूची में आ सकते हैं। उक्त मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन एकलपीठ ने सीमित न्यायिक समीक्षा और बोर्ड के विवेकाधिकार का हवाला देते हुए याचिका खारिज कर दी थी, जिस पर यह अपील दायर की गई है। दायर अपील में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए तर्क दिया गया कि बिना पर्याप्त कारण विलोपित किये गये प्रश्नों व उत्तर पुस्तिका की त्रुटि को न्यायालय सुधार सकता है। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने कर्मचारी चयन बोर्ड को निर्देशित किया है वह विशेषज्ञ समिति की वह रिपोर्ट पेश करे, जिसमें विवादित प्रश्नों को हटाने की सिफारिश की गई थी।
