
( मुकेश कौशिक )खुरई। नगर को स्वच्छ बनाने में नगरपालिका के अधिकारी-कर्मचारी प्रतिदिन मेहनत कर रहे हैं, लेकिन शासकीय अस्पताल के भीतर और बाहर गंदगी का अंबार साफ दिखाई देता है। इलाज के लिए आने वाले मरीज अस्वच्छ माहौल के कारण स्वस्थ नहीं हो पा रहे हैं। वार्डों से निकलने वाला कचरा परिसर में इधर-उधर बिखरा रहता है, जबकि मुख्य गेट के पास जानवरों का गोबर पड़ा होने से मरीजों के परिजन फिसलकर चोटिल हो जाते हैं। अस्पताल परिसर में प्रवेश करते ही जगह-जगह फैली गंदगी देखकर लोग हैरान रह जाते हैं।
मरीजों के पलंग पर नहीं रहती चादर
गंदगी के साथ-साथ मरीजों के पलंग पर चादरों का अभाव भी समस्या है। सामान्य दिनों में चादर नदारद रहती है, जबकि अधिकारियों या जनप्रतिनिधियों के निरीक्षण के समय साफ चादरें बिछा दी जाती हैं। यह स्थिति सवाल खड़े करती है कि रोजाना चादरें क्यों नहीं दी जातीं।
दिन में जलती रहती स्ट्रीट लाइटें
जहां आम जनता को बिजली की किल्लत है, वहीं अस्पताल परिसर में लगे एलईडी पोल और बिल्डिंग की लाइटें दिन के उजाले में भी जलती रहती हैं। संबंधित कर्मचारी इन्हें बंद करने में लापरवाह हैं, जबकि बिजली बिल का भुगतान रोगी कल्याण समिति की राशि से होता है, जो जनता के पैसे से आता है।
