अतिवृष्टि के बाद अब फसलों पर इल्लियों का प्रकोप चट कर रही फसलों की जड और तना

ब्यावरा। लम्बे समय तक अतिवृष्टि के कारण सोयाबीन फसल को नुकसान पहुंचा अब मौसम खुला तो उमस भरी गर्मी के कारण फसलों में इल्लियों का प्रकोप हो गया है जो फसल को चट कर रही है. एक प्रकोप दूर हुआ नहीं कि दूसरे मुसीबत ने फसलों को घेर लिया. इन हालातों को लेकर किसान खासे चिंतित है.

विदित है कि जुलाई माह में नगर सहित आसपास क्षेत्र में झमाझम बारिश हुई. कई दिनों तक बारिश का सिलसिला चलता रहा. अनवरत् बारिश ने सर्वाधिक नुकसान सोयाबीन को पहुंचाया. खेतो में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई. फसलों को नुकसान होना शुरु हो गया. बारिश का दौर थमने पर राहत की सांस ली किंतु अब उमस भरी गर्मी से फसलों में इल्लियां पनप रही है जो कि फसलों को खाकर चट करने पर तूली है. इल्ली के साथ ही बारीक मच्छरों का भी प्रकाप बना हुआ है.

जड़, तना काट रही इल्लियां

अनेक स्थानों पर सोयाबीन में फूल आने लगे है. इल्लियां पौधे के पत्ते, तना को खा रही है. प्राय: पीले कलर की इल्ली फसलों में देखी जा रही है. इल्ली फसलों को खाकर कमजोर कर रही है. पौधे की ग्रोथ रुकने लगी है. ग्राम आगर निवासी के अनुसार इल्ली के प्रकोप से फसलों को नुकसान हो रहा है, फसलों को बचाने कीटनाशक दवाओं का छिडक़ाव किया जा रहा है.

तने, पत्ते को काट रही इल्ली

इल्ली पौधे के तने, पत्ते को काट रही है. इससे प्रभावित पौधे की ग्रोथ रुक जाती है. ग्राम बारवां, आगर, धुरला, तालौड़ी, खजुरिया, खानपुरा, मोई, पगारा, पिपल्या सहित ग्र्रामीण क्षेत्रो में सोयाबीन फसल में इल्ली का प्रकोप बना हुआ है. कृषकगण के अनुसार पहले अतिवृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ और अब इल्ली का प्रकोप हो गया है. एक के बाद एक फसलों पर आ रही प्राकृतिक आपदाओं ने खासा चिंतित कर रखा है.

हजारों रुपये खर्च कर चुके

हजारों रुपये खर्च कर बीज, खाद की व्यवस्था कर बोवनी की. बोवनी के प्रारंभ में बेहतर बारिश से फसल अच्छी स्थिति में आ पहुंची किंतु फिर निरंतर हुई बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाना शुरु कर दिया. अब बारिश रुकने के बाद उमस और गर्मी से इल्ली का प्रकोप हो गया.

तेज बारिश से मिलेगी राहत

कई जगह कीटनाशक दवाओं से भी इल्ली नष्ट नहीं हो पा रही है. तेज बारिश होने पर इल्ली के प्रकोप से राहत मिल सकेगी. बरिश के तेज प्रवाह से पौधे से इल्ली झडक़र नष्ट हो जाती है. ऐसे में अब झमाझम बारिश का इंतजार हो रहा है ताकि इल्ली का प्रकोप दूर हो सके.

पूर्व में अतिवृष्टि से खेतों में अधिक समय तक पानी भरा रहा. बारिश थमने के बाद गर्मी से इल्ली का प्रकोप होने लगा. इल्ली को लेकर जानकारी आयी है. मौके पर पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया जाकर उचित सलाह दी जा रही है.

एन.एस. हरियाले

वरिष्ठ कृषि अधिकारी, कृषि विभाग ब्यावरा

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