
भोपाल। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि प्रदेश के आकांक्षी एवं उच्च प्राथमिकता वाले जिलों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की नियुक्ति से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी और आमजन को समय पर प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने नवनियुक्त सीएचओ से स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में पूर्ण समर्पण और निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया। शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा एक श्रेष्ठ मानवीय सेवा है, जिसमें मरीज के जीवन, विश्वास और सुख-समृद्धि से सीधा संबंध होता है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश द्वारा सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, डिंडोरी, पन्ना और छतरपुर जैसे आकांक्षी व उच्च प्राथमिकता वाले जिलों में एक साथ 415 सीएचओ नियुक्त किए गए हैं। ये अधिकारी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सेवाएं देंगे, जिससे ग्रामीण आबादी को अपने निवास स्थान के पास ही गर्भावस्था देखभाल, बाल व किशोर स्वास्थ्य, रोग प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, वृद्धजन देखभाल, मुख-दंत-नेत्र-नाक-कान-गला रोग और आपातकालीन चिकित्सा जैसी 12 प्रकार की सेवाएं मिलेंगी।
इन केंद्रों में 17 प्रकार की पैथोलॉजी जांच और 126 प्रकार की औषधियां निःशुल्क उपलब्ध हैं, साथ ही योग-पोषण दिवस जैसे स्वास्थ्यवर्धक कार्यक्रम भी संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में 12,551 आयुष्मान आरोग्य मंदिर क्रियाशील हैं, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक में ये नियुक्तियां पूर्ण हो चुकी हैं।
