
मेनका गांधी ने कहा- ‘दिल्ली में एक भी शेल्टर नहीं’, कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण पर जोर दिया।
नई दिल्ली, 12 अगस्त : सुप्रीम कोर्ट द्वारा कुत्तों को रिहायशी इलाकों से बाहर रखने के फैसले पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और पशु अधिकार कार्यकर्ता मेनका गांधी ने गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली में एक भी सरकारी शेल्टर नहीं है, ऐसे में 3 लाख कुत्तों को आखिर कहां डाला जाएगा? उन्होंने इस फैसले को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
मेनका गांधी ने कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कुत्तों को पकड़ने के बाद उन्हें वापस उसी जगह पर छोड़ना होता है, वरना दूसरे कुत्ते उनकी जगह ले लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के फैसले अव्यावहारिक हैं और इनसे समस्या का समाधान नहीं होगा। मेनका गांधी ने सुझाव दिया कि सरकार को कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण पर ध्यान देना चाहिए, ताकि उनकी संख्या को नियंत्रित किया जा सके और उन्हें बीमारियों से बचाया जा सके।
