जबलपुर: हाईकोर्ट ने कहा कि मुख्य आपराधिक आरोप में दोषमुक्त होने पर एससी-एसटी एक्ट के तहत भी दोषी नहीं ठहराया जा सकता। जस्टिस विवेक अग्रवाल व जस्टिस ए के सिंह की पीठ ने कैलाश उर्फ बबलू यादव को पॉक्सो, अपहरण और अन्य धाराओं में दी गई दोहरी आजीवन कारावास सजा रद्द कर दोषमुक्त किया।
कोर्ट ने पाया कि पीड़िता की नाबालिगता साबित नहीं हुई और वह स्वेच्छा से गई थी। साक्ष्य के अभाव में एससी-एसटी एक्ट के तहत सजा भी निरस्त कर, अपीलकर्ता की तत्काल रिहाई का आदेश दिया।
