सिंगरौली: बरगवां थाना क्षेत्र के गोंदवाली कोलयार्ड में कोयले की मिलावट की शिकायतों पर पिछले सोमवार को संयुक्त टीम ने जांच की थी। खनिज निरीक्षक अशोक मिश्रा ने मीडिया को बताया था कि कोयले के सैंपल लेकर लैब भेजे जाएंगे और रिपोर्ट सप्ताह भर में आ जाएगी। लेकिन खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने स्पष्ट किया कि गोंदवाली कोलयार्ड से कोई सैंपल नहीं भेजा गया, केवल पकड़े गए कोल वाहनों के सैंपल जांच को भेजे गए हैं।
इस विरोधाभास से विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कोलयार्ड में छत्तीसगढ़ के रामगढ़ से लाई गई छाई मिलाकर कोयला बेचा जा रहा था। स्थानीय लोगों ने कुछ वाहनों को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। बताया जाता है कि शिकायत भोपाल तक पहुंची है और हाल ही में रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत ने कुछ कोलयार्ड का निरीक्षण भी किया था। अब चर्चाएं तेज हैं कि मिलावट की शिकायतें झूठी थीं या विभाग ने कारोबारियों को राहत दी है।
इनका कहना
कोलयार्ड के कोयले की सेम्पल की जांच कहीं नही भेजा गया है। जो वाहन पकड़े गये थे, उन वाहनों के कोयले की सेम्पल जांच के लिए भेजे गये हैं। कोयले का भण्डारण अवैध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आकांक्षा पटेल
खनिज अधिकारी, सिंगरौली
