छतरपुर। राजनगर थाना क्षेत्र के छोटे से गांव धवाड़ में एक पेड़ ग्रामीणों की आस्था का केंद्र बन गया है। खेतों के बीच खड़े इस छेवला (पलाश) के पेड़ का आकार हाथी जैसा दिख रहा है, जिसकी शाखाएं सूंड और सिर का आभास देती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि इसमें भगवान गणेश की आकृति उभर आई है। खबर फैलते ही आसपास के गांवों से लोग बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं और पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
पंडित सौरभ तिवारी बताते हैं कि “पेड़ों में भगवान की आकृति का मिलना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। खासकर हिंदू धर्म में पेड़ों की पूजा की परंपरा है। पीपल के पेड़ को पवित्र माना जाता है और इसमें 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। इसे भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है, वहीं तुलसी को देवी लक्ष्मी का रूप मानकर पूजा जाता है।”
