
बालाघाट। जिसे बाघों की नर्सरी कहा जाता है, के लालबर्रा तहसील स्थित वन अनुभव क्षेत्र में बाघ के शिकार का मामला अब एडिशनल डायरेक्टर वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) दिल्ली पहुंच गया है। यह पहल वन्यजीव प्रेमी अभय कोचर ने की है। कोचर ने बताया कि सोनेवानी कंजर्वेशन रिजर्व, जो कान्हा-पेंच जीवंत कॉरिडोर का अहम हिस्सा है, में जुलाई के अंतिम सप्ताह में बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शव को पोस्टमार्टम और पंचनामा किए बिना जलाकर छिपाने का प्रयास वन मंडल अधिकारी के निर्देशन में वन कर्मियों ने किया।
कोचर के अनुसार, पिछले 15 महीनों में यह दूसरी घटना है जब बाघ या तेंदुए के शव को बिना प्रक्रिया अपनाए ठिकाने लगाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी पूर्व में भी विवादों में रहे हैं और उन पर कई विभागीय जांच लंबित हैं।
कोचर का कहना है कि चूंकि टाइगर स्ट्राइक फोर्स वन विभाग के अधीन है, इसलिए उसकी जांच निष्पक्ष नहीं होगी। इसी कारण उन्होंने 9 अगस्त 2025 को WCCB से हस्तक्षेप कर स्वतंत्र जांच की मांग की है। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच होने पर ऐसे कई और मामले सामने आ सकते हैं।
