
बालाघाट। जनपद शिक्षा केंद्र किरनापुर के प्राथमिक स्कूल मडकापार में मध्याह्न भोजन के दौरान सब्जी और दाल में चींटियां मिलने से हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, परोसते समय जब बच्चों की थालियों में चींटियां दिखाई दीं, तो शिक्षिका और भोजन बनाने वाले समूह की महिलाओं ने पहले इसे जीरा बताया। लेकिन खबर फैलते ही सब्जी और दाल फेंककर दूसरी सब्जी बनाई गई।
मामला गंभीर इसलिए भी है क्योंकि प्रधानमंत्री पोषण योजना का उद्देश्य बच्चों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, जबकि यहां स्वच्छता के मानकों की अनदेखी हुई। यह साफ दर्शाता है कि भोजन बनाने और तेल-सब्जियों के भंडारण में लापरवाही बरती गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह भोजन बच्चों ने खा लिया होता, तो 30-35 बच्चों की तबीयत बिगड़ सकती थी। गरीब परिवारों के लिए इलाज कराना मुश्किल होता। अब सवाल है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है स्कूल प्रबंधन, निरीक्षण अधिकारी या शिक्षा विभाग? घटना की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
