इंदौर: प्रशासन ने खेड़ापति हनुमान मंदिर की जमीन का कब्जा वापस ले लिया. कब्जा लेने की कारवाई करने के पूर्व राजस्व अधिकारियों ने जमीन के नामांतरण निरस्त कर राजस्व रिकार्ड में सरकारी जमीन दर्ज करवाई. बताया जाता है कि उक्त जमीन बाजार मूल्य करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपए है.आज जिला प्रशासन की टीम ने ग्राम पीपलियाकुमार स्थित खसरा नंबर 206 पर स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर की 1.1890 हैक्टेयर जमीन का कब्जा ले लिया. उक्त जमीन को मंदिर पुजारी ने 18 अलग अलग लोगों को बेच दिया था, जिसमें 11 मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते हैं.
जमीन का कलेक्टर ऑफिस में नामांतरण निजी लोगों के नाम हो गया था और राजस्व रिकार्ड में सरकारी मंदिर की जमीन के मालिक कुछ लोग हो गए थे. उक्त मामले का पिछले दिनों खुलासा हुआ तो पता चला कि खेड़ापति हनुमान मंदिर की जमीन पुजारी ने निजी लोगों को बेच दी है. विक्रय पत्र के आधार पर उक्त जमीन का नामांतरण निजी व्यक्तियों के नाम कर दिया गया था. कलेक्टर आशीष सिंह को मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने राजस्व रिकार्ड में दर्ज निजी व्यक्तियों केडी नामांतरण निरस्त करने के कारवाई करने के आदेश दिए. साथ ही उन्होंने जमीन पुनः राजस्व रिकार्ड में खेड़ापति हनुमान मंदिर की सरकारी जमीन दर्ज करवाई.
अवैध खेतो की उखाड़ा
उक्त कारवाई के बाद कलेक्टर ने एसडीएम प्रदीप सोनी और तहसीलदार प्रीति भिसे को ग्राम पीपलियाकुम की जमीन का कब्जा वापस लेने भेजा। आज उक्त जमीन का बाजार मूल्य 150 करोड़ रुपए बताया जाता है. एसडीएम और तहसीलदार ने राजस्व और पुलिस अमले के साथ जमीन पर कब्जा लेते हुए अवैध खेती को जेसीबी से उखाड़ दिया. साथ ही जिला प्रशासन के नाम का बोर्ड भी लगा दिया
