
रीवा। पिछले कई दिनो से आसमान में बादलो की लुका छिपी चल रही है. रात में जहा तेज आंधी के साथ बूंदाबांदी हुई. वही सुबह और दोपहर रीवा एवं मऊगंज जिले के कई हिस्सो में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. जिससे गेंहू एवं राई की फसल को नुकसान हुआ है. मौसम विभाग ने पहले ही चेताया था कि तेज गरज चमक के साथ ओलावृष्टि हो सकती है.
गौरतलब है कि इस समय खेत में गेंहू की फसल पक कर तैयार है और किसान अपनी फसलो को लेकर चिंतित है. पिछले एक सप्ताह से मौसम खराब चल रहा है बीच में जहा बूंदाबांदी हुई वही रात से ही काले बादल छाये हुए थे. तेज आंधी के साथ रात में बूंदाबांदी हुई और सुबह ओलावृष्टि रीवा एवं मऊगंज जिले में हुई. त्योंथर, चाकघाट क्षेत्र में दोपहर तेज बारिश के साथ बड़े-बड़े ओले गिरे. इसी तरह नईगढ़ी, गुढ़ आदि क्षेत्रो में हुई ओलावृष्टि से किसानो की फसल को नुकसान हुआ है. तेज आंधी के चलते कई जगह फसल खेत में ही धराशाई हो गई और जो गेंहू कटा हुआ था वह हवा के झोके के साथ उड़ गया. सबसे ज्यादा गेंहू और राई की फसल को नुकसान हुआ है. ओला और बारिश चलते न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री पहुंच गया. जबकि अधिकतम तापमान 34 डिग्री रहा, वही 8 किलो मीटर की रफ्तार से हवाएं चलती रही. दिन भर बादल छाये रहे दोपहर हल्की धूप निकली और उसके बाद पुन: बादल छा गये. अभी तक रीवा-मऊगंज में ओलावृष्टि नही हुई थी लेकिन जिस तरह से रविवार को ओलावृष्टि हुई उससे किसानो का नुकसान हुआ है. अभी दो दिन तक मौसम खराब रहेगा, उसके बाद बादल हटने के साथ तापमान बढ़ेगा और गर्मी तेज होगी.
