वीरेंद्र वर्मा
इंदौर:शहर के पश्चिम क्षेत्र में गांधीनगर डिपो से इंदौर पीथमपुर के बीच मेट्रो चलाने का प्रस्ताव है. इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क योजना के ड्राफ्ट में इसका प्रावधान किया गया है. सबसे खास बात यह है कि इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क के बीच में मेट्रो के पियर खड़े करने के लिए अभी से कच्ची जमीन छोड़ी जा रही है. इतना ही नहीं एमपी मेट्रो ने भी उक्त सड़क के साथ पीथमपुर तक लाइन डालने के प्रस्ताव पर काम शुरू कर दिया है. एमपीआईडीसी ने यह भविष्य को ध्यान में रखकर सड़क के साथ मेट्रो का प्रावधान भी जोड़ा है, जिसे राज्य सरकार ने भी मंजूरी दी है.
पिछले दिनों राज्य सरकार ने इंदौर से पीथमपुर तक 19 किलोमीटर इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क का गजट नोटिफिकेशन किया है. उक्त सड़क में एमपीआईडीसी ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए सड़क के बीच से एलिवेटेड मेट्रो रेल का प्रावधान किया है. इसके लिए सड़क बीच में 3.6 मीटर जमीन छोड़कर सड़क का निर्माण किया जाएगा. सड़क के दोनों मुख्य कैरेज वे का एक एक हिस्सा भी मेट्रो के पियर खड़े करने के दौरान लगने वाली जगह के लिए छोड़ा जाएगा. इस तरह इकोनॉमिक कॉरिडोर योजना में मेट्रो का प्रावधान कर इंदौर को पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ने का प्लान किया गया है.
19 किलोमीटर लंबी होगी सड़क
यह सड़क 13 सौ हेक्टेयर जमीन पर बनाई जाएगी. उक्त सड़क 75 मीटर चौड़ी और 19 किलोमीटर लंबी बनेगी. इसके लिए 17 गांव की जमीन ली जा रही है. सड़क के दोनों ओर 300 मीटर की जमीन भी अधिग्रहित होगी, जिसमें होटल्स, मॉल और मल्टीनेशनल कंपनियों के ऑफिस खुलेंगे.
किसानों को विकसित प्लाट भी
ध्यान रहे कि इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क में किसानों को 20 प्रतिशत राशि नकद और बाकी 40 प्रतिशत राशि के विकसित प्लॉट दिए जाएंगे. इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क योजना कुल 13 सौ हैक्टेयर जमीन पर लागू की गई है, लेकिन सड़क 11 सौ हैक्टेयर पर ही बनेगी. बाकी 2 सौ हैक्टेयर जमीन ग्रामीण क्षेत्रों की अभी शामिल नहीं की जा रही है. उक्त जमीन गांव को मुख्य सड़क से जोड़ने वाली सड़कों के लिए रखी गई है.
मेट्रो के अफसर भी सक्रिय हुए
बताया जा रहा है कि इकोनॉमिक कॉरिडोर योजना में मेट्रो का प्रावधान करने के बाद एमपी मेट्रो के अधिकारियों ने भी गांधीनगर चौराहे से पीथमपुर तक मेट्रो लाइन के लिए प्रस्ताव बनाना शुरू कर दिया है. इकोनॉमिक कॉरिडोर के टेंडर होने एक बाद मेट्रो भी डीपीआर तैयार करना शुरू कर देगा और मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजेगा.
पहली जमीन की रजिस्ट्री सोमवार को
एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक हिमांशु प्रजापति ने बताया कि इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क को मंजूरी मिल गई है. योजना में जिन किसानों ने पहले ही सहमति दे दी है, उनकी रजिस्ट्री पहले होगी. इसी के तहत सोमवार को ग्राम भेंसलाय के किसान की पहली रजिस्ट्री होगी, जिसका स्लॉट पंजीयन विभाग में बुक करा दिया है. इसके बाद लगातार किसानों की रजिस्ट्री का कार्य शुरू होगा, जो योजना की पूरी जमीन मिलने तक जारी रहेगा.
डीपीआर में मेट्रो का प्रावधान
एमपीआईडीसी की बहुचर्चित इकोनॉमिक कॉरिडोर योजना का जो ड्राफ्ट बनाया गया है, उसमें 75 चौड़ी सड़क के बीच में 3.6 मीटर जमीन छोड़ी गई है. उक्त 3.6 मीटर जमीन को मेट्रो के पियर खड़े करने के लिए छोड़ने का उल्लेख है. सड़क निर्माण केडी मुख्य कैरेज वे दोनों तरफ चार चार लेन का प्रस्ताव है, लेकिन शुरू में यह तीन तीन लेन ही बनाई जाएगी. इसकी वजह यह है कि मेट्रो रेल लाइन निर्माण के दौरान सड़क का एक हिस्सा दोनो तरफ खराब होगा. एमपीआईडीसी ने निर्णय लिया है कि मेट्रो के पियर के पास वाली एक एक लेन सड़क मेट्रो लाइन का काम पूरा होने के साथ बनाई जाएगी. एमपीआईडीसी ने डीपीआर में भी इसका प्रावधान और उल्लेख किया है कि मेट्रो लाइन के लिए कुल 12 मीटर बीच का हिस्सा छोड़कर सड़क निर्माण किया जाएगा.
मेट्रो रेल का पीथमपुर से जुड़ने का फायदा
इकोनॉमिक कॉरिडोर योजना के साथ मेट्रो रेल से पीथमपुर का जुड़ना बहुत फायदेमंद साबित होगा. एमपीआईडीसी के अधिकारियों की दूरदृष्टि का परिणाम है कि उन्होंने सड़क के साथ मेट्रो लाइन के लिए प्रावधान किया. केवल प्रावधान नहीं बल्कि उसके लिए बकायदा सड़क के सेंटर में जमीन भी अभी से छोड़ दी है. गांधीनगर से पीथमपुर इंडस्टि्रयल एरिया मेट्रो से जुड़ने के बाद आने जाने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट और शहर में अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भी कनेक्टिव मेट्रो रेल मिलेगी. एक बड़ा हिस्सा दो जिलों और औद्योगिक क्षेत्र के विकास में मेट्रो नेटवर्क के लिए फ़ायदा करेगा.
