नयी दिल्ली 06 अगस्त (वार्ता) दिल्ली विधानसभा में वर्ष 2023 -24 के लिए वित्त एवं विनियोग खाते और राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के संबोधन के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने जमकर हंगामा किया और विधानसभा अध्यक्ष ने पांच विपक्षी सदस्यों को मार्शल के जरिये सदन से बाहर निकलवा दिया।
श्रीमती गुप्ता चार अगस्त को पेश कैग की रिपोर्ट पर जब बोलने के लिए खड़ी हुयीं तो विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे। हंगामे के बीच वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रही गुप्ता ने कहा कि कुल 4840 करोड़ रुपये की ग्रांट दी गयी, लेकिन विकास और जन कल्याण की योजना शुरू करने की बजाय इन पैसों को पानी और बिजली पर मुफ्त योजनाओं के लिए खर्च कर दिया गया। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से कैग रिपोर्ट को लोक लेखा समिति के पास भेजकर जांच कराने और इस मामले में उचित कार्रवाई करवाने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि आप की पूर्ववर्ती सरकार ने विश्वस्तर की स्वास्थ्य तथा शिक्षा व्यवस्था के ढोल तो पीटे, लेकिन विद्यालय नहीं बनवाये। कैग रिपोर्ट साफ कहती है कि आप की सरकार ने सिर्फ मुफ्त की योजनाओं पर पैसा खर्च कर दिया। उन्होंने कहा कि मुफ्त की योजनाओं पर पैसा खर्ज किये जाने की वजह से राजस्व अधिशेष घाटे में बदल गया और 24 अस्पताल अधूरे पड़े रहे, सड़कें और स्कूल नहीं बन पाये।
उन्होंने कहा कि इससे सरकार की कमाई घट गयी और खर्च बेहिसाब किया गया और सरकार केवल विज्ञापन करती रही। केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली सरकार को बार-बार पैसे भेजे गये, लेकिन राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के नाम पर शुरू जनकल्याण की केंद्रीय योजनाओं को लागू करने से इनकार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने प्रधानमंत्री से नफरत की वजह से केंद्रीय योजनाओं को लागू नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने मेट्रो के विस्तार के लिए भी आवश्यक धनराशि नहीं दी थी जिस कारण अदालत ने आप सरकार को फटकार लगायी थी।
श्रीमती गु्प्ता ने कहा कि रिपोर्ट में शीश महल पर 80 करोड़ रुपये खर्च करने और जय भीम योजना पर 150 करोड़ रुपये के गबन के आरोप भी शामिल हैं जो प्रदेश की खस्ताहाल वित्तीय स्थिति के जिम्मेदार है। इस पर आप के विधायक हंगामा करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से शांत रहने और मुख्यमंत्री को अपनी बात रखने देने की अपील की, लेकिन आप विधायक नहीं माने और नारेबाजी करते, तो श्री गुप्ता ने आप विधायक अनिल झा और कुलदीप कुमार को मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान रुकावट पैदा करने को लेकर मार्शल के जरिये सदन से निष्कासित करा दिया।
इसके बाद भी जब आप विधायक शांत नहीं हुए, तो विधानसभा अध्यक्ष ने आप विधायक प्रेम चौहान और सोमदत्त को भी मार्शल के जरिये सदन से बाहर निकलवा दिया। थोड़ी देर बाद उन्होंने हंगामा करने के कारण आप विधायक जरनैल सिंह को भी मार्शल के जरिये सदन से बाहर करवा दिया। इसके बाद सभी विपक्षी सदस्य सदन बहिर्गमन कर गये। आज यह तीसरा मौका था, जब आप के विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।
मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान विपक्ष की ओर से हंगामे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक एवं विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने कहा कि यह परंपरा है कि मुख्यमंत्री या मंत्री के बोलने के दौरान कोई भी सदस्य हंगामा नहीं करता है, अन्यथा उस पर तुरंत कार्रवाई होती है।
सदन से बाहर जाने के दौरान आप के विधायक राम सिंह नेताजी ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों तरफ के सदस्यों को मिलाकर एक समिति बनाएं, जो यह तय करे कि किस विषय पर चर्चा हो और किस पर नहीं।
