नयी दिल्ली, 07 अगस्त (वार्ता) भारत में हरित क्रांति के प्रणेता और भारत रत्न से सम्मानित कृषि वैज्ञानिक स्वर्गीय डॉ एम एस स्वामीनाथन के सम्मान में स्थापित पहला “ एम. एस. स्वामीनाथन अवॉर्ड फॉर फूड एंड पीस” पुरस्कार नाइजीरिया के कृषि विशेषज्ञ और अफ्रीकी विकास बैंक समूह के वर्तमान अध्यक्ष प्रोफेसर अकिनवूमी अदेसिना को दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को यहां स्वामीनाथन जन्म शताब्दी पर आयोजित एक कार्यक्रम में इस पुरस्कार से प्रथम सम्मानित प्रो अदेसिना को बधाई दी। उन्होंने कहा, “अगर अन्न का संकट पैदा होता है, तो जीवन का संकट पैदा होता है और जब हजारों लाखों लोगों के जीवन का संकट बढ़ता है, तो वैश्विक अशांति भी स्वभाविक है। इसलिए एम. एस. स्वामीनाथन अवॉर्ड फॉर फूड एंड पीस बहुत ही अहम है। मैं यह पहला अवार्ड पाने वाले नाइजीरिया के प्रतिभाशाली विशेज्ञ प्रोफेसर अदेसिना को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।”
एम एस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन द्वारा स्थापित 25000 डॉलर का यह अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विकासशील देशों के उन व्यक्तियों को दिया जाएगा जिन्होंने खाद्य सुरक्षा के लिए की दिशा में बड़ा काम किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘ भाजन और शांति का रिश्ता जितना दार्शनिक है, उतना ही व्यावहारिक भी है। हमारे यहां, उपनिषदों में कहा गया है- अन्नम् न निन्द्यात्, तद् व्रतम्। प्राणो वा अन्नम्। शरीरम् अन्नादम्। प्राणे शरीरम् प्रतिष्ठितम्। अर्थात्, हमें अन्न की, अनाज की अवहेलना या उपेक्षा नहीं करनी चाहिए। प्राण अर्थात् जीवन, अन्न ही है।”
प्रो अदेसिना इस समय अफ्रीकी विकास बैंक समूह के वर्तमान अध्यक्ष हैं। वे इससे पहले नाइजीरिया के कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री रह चुके हैं। उन्हें कृषि विकास में उनके नेतृत्व और अफ्रीकी विकास बैंक के माध्यम से अफ्रीका के विकास को गति देने के उनके प्रयासों के लिए जाना जाता है।
