तीन साल में नवाचार से भ्रष्टाचार की राजधानी बना इंदौर

इंदौर: नगर निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले तीन सालों में इंदौर में नवाचार के नाम पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है. प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि निगम में बिना पैसे दिए कोई काम नहीं होता. डिजिटल इंदौर की बात करने वाले महापौर ई-नगर पालिका घोटाले पर मौन हैं.

ड्रेनेज में 500 करोड़ और फर्जी बिलों में 10 करोड़ का घोटाला हो चुका है, जिसकी जांच अब तक नहीं हुई. सड़कों की हालत खराब है, हर तरफ गड्ढे और अधूरी परियोजनाएं हैं। 450 करोड़ ठेकेदारों का बकाया है, 350 करोड़ सिक्योरिटी डिपॉजिट और 25 करोड़ नर्मदा जल आपूर्ति पर खर्च होता है.

सालाना खर्च 1800 करोड़ है, जबकि राजस्व मात्र 1000 करोड़, यानी 800 करोड़ का घाटा. उन्होंने कहा कि पोस्टर-होर्डिंग की भरमार है और जनता को सिर्फ दिखावे का डिजिटल इंदौर दिया गया है.चौकसे ने आरोप लगाया कि महापौर ने इंदौर को नवाचार के नाम पर भ्रष्टाचार की राजधानी बना दिया है.

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