
सीहोर। बुधवार को देश की सबसे भव्य और विशाल कावड़ यात्रा का आयोजन कर इतिहास रच दिया। अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा के नेतृत्व में सीवन नदी से कुबेरेश्वर धाम तक निकली इस 10 किमी लंबी यात्रा में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की गई और भव्य झांकियों व डीजे की धुनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। प्रशासन ने कावड़ियों के लिए पुलों पर जल भरने, रुकने और भोजन की व्यापक व्यवस्थाएं की थीं। मगर यात्रा समाप्ति के बाद लौटते समय स्टेट हाईवे पर भारी जाम लग गया, जो देर रात तक बना रहा।
दुर्भाग्यवश, भगदड़ और अव्यवस्थाओं के चलते पांच श्रद्धालुओं की जान चली गई। मंगलवार को कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण बंद होने से दो महिलाओं की मौत हो गई थी। बुधवार को तीन और श्रद्धालुओं गुजरात, हरियाणा और छत्तीसगढ़ से आए की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मामले पर मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। प्रशासन की व्यवस्थाएं जहां सराहनीय थीं, वहीं भीड़ प्रबंधन की चुनौतियां भी सामने आईं।
