
उज्जैन। राखी पर 9 अगस्त को भस्मारती में भगवान महाकाल को सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। परंपरा अनुसार सबसे पहली राखी भी महाकाल को ही बांधी जाएगी। इसके बाद शहर में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।
मंदिर में इस वर्ष मनाए जाने वाले रक्षाबंधन पर्व की तैयारियां शुरू हो गई है। भस्मारती के पुजारी परिवार की ओर से लड्डुओं का यह भोग भक्तों के सहयोग से लगाया जाता है। बाबा महाकाल को पहली राखी भी पुजारी परिवार की महिलाएं ही मंदिर पहुंचकर बांधती है।
मंदिर परिसर में भट्टी पूजन के साथ ही लड्डू बनाने का काम शुरू हो गया है। यह लड्डू शुद्ध देसी घी, बेसन, शक्कर और ड्रायफू्रट्स से तैयार किए जाते हैं। भगवान महाकाल को भोग लगाने के बाद दिनभर यह लड्डू प्रसाद के रूप में मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं में वितरित किए जाएंगे।
रक्षाबंधन पर्व के मौके पर महाकाल मंदिर का गर्भगृह, नंदी हॉल फूलों से सजाया जाएगा।भस्मारती से रात शयन आरती तक आम दर्शन होंगे। परिसर के अन्य मंदिरों में भी भगवान को राखी बांधी जाएगी।
