जबलपुर में फर्जी नियुक्ति के आरोप पर कांग्रेस का बहिर्गमन

भोपाल, 05 अगस्त (वार्ता) मध्यप्रदेश विधानसभा में आज जबलपुर में फर्जी नियुक्ति का मामला उठाते हुए सरकार के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्षी दल कांग्रेस के सदस्यों ने बहिर्गमन किया।
कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने ध्यानाकर्षण सूचना के माध्यम से कहा कि जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के आदेश द्वारा विजय पांडेय की डाटा असिस्टेंट (टीकाकरण) संविदा पद पर फर्जी तरीके से नियुक्ति की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में ही उन्होंने इस संबंध में एक अन्य प्रश्न किया था, जिसके जवाब में शिक्षा विभाग की ओर से बताया गया है कि विजय पांडेय ने जिस वर्ष की अंकसूची नियुक्ति के दौरान लगाई है, उस वर्ष में ऐसे किसी
व्यक्ति की अंकसूची जारी नहीं हुई है।
इस पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि सभी दस्तावेजों की जांचों में ये नियुक्ति नियमानुसार ही पाई गई है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया पूरी होने पर प्रभारी अधिकारी को हटा कर नियमित की नियुक्ति कर दी जाएगी।
मंत्री के आश्वासन से विधायक संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने कहा कि सरकार प्रभारी डीपीएम को क्यों बचा रही है। कांग्रेस विधायक अजय सिंह ने कहा कि सदन से प्रमाणित हो गया है कि वो नियुक्ति फर्जी है और ऐसे में सरकार को उस अधिकारी को हटा कर प्रकरण की जांच करानी चाहिए।
श्री शुक्ल का जवाब आने पर भी कांग्रेस विधायक लगातार जांच की मांग करते रहे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधायक अपनी बात प्रमाण के साथ कह रहे हैं, पर उनकी बात सुनी नहीं जा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे ही प्रकरणों के कारण सदन की गरिमा कम हाे रही है। इसके बाद विपक्ष के सभी विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।

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