
देवास।देवास जिले के सतवास कस्बे में एक सेवानिवृत्त शिक्षक से 21 लाख रुपये की साइबर ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली, गाजियाबाद, नीमच, इंदौर और महाराष्ट्र से कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर ‘डिजिटल अरेस्ट गैंग’ का भंडाफोड़ किया है।
ठगी का तरीका चौंकाने वाला
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपियों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर शिक्षक प्रमोद गौर (निवासी सतवास) को वीडियो कॉल किया। कॉल पर उन्हें बताया गया कि उनका नाम एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में जुड़ा हुआ है और उनके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से जांच चल रही है।
डर और भ्रम में आए शिक्षक को गिरोह ने “डिजिटल अरेस्ट” का झांसा देकर मानसिक दबाव बनाया। इसके बाद पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में ₹20.81 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने सतवास थाना पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
टेक्नोलॉजी और भ्रम का खतरनाक खेल
जांच में सामने आया कि गिरोह टेलीग्राम ग्रुप्स के माध्यम से बैंक खाते किराए पर लेते थे और ठगी की रकम का ट्रांजेक्शन इन्हीं खातों में करते थे। आरोपी देशभर में भ्रमण कर इस प्रकार की घटनाओं को अंजाम देते थे और यात्रा के लिए फ्लाइट्स का उपयोग करते थे।
ये हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में सोमेश्वर उर्फ सोम, संजय उर्फ संजू उर्फ वैम्पायर, गौरव उर्फ रितिका उर्फ लाला, हर्ष उर्फ पॉटर बॉस, ऋषिकेश और सुनील उर्फ सागर शामिल हैं। इन आरोपियों पर देश के विभिन्न राज्यों में करीब 37 साइबर ठगी के मामले दर्ज हैं।
बरामदगी और पुलिस कार्रवाई
देवास साइबर सेल और सतवास पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में इन आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप, एटीएम कार्ड, पासबुक और ₹11.61 लाख की होल्ड राशि बरामद की गई है।
