
उज्जैन। श्रावण मास की अंतिम सवारी सोमवार को नगर में धूमधाम से निकली तो लाखों श्रद्धालु सवारी देखने उमड़े। इस सवारी में भगवान महाकाल ने नंदी के रथ पर उमा-महेश रूप में भक्तों को नए स्वरूप में दर्शन से अभिभूत किया। अब भादो मास की दो और सवारियां निकलेगी।
शाम 4 बजे मंदिर में पूजन के बाद सवारी निकलना शुरू हुई। जवानों ने राजाधिराज को सलामी दी। श्रावण-भादो मास के क्रम में यह चौथी सवारी थी। आगे नगर की भजन मंडलियां झूमते गाते निकली तो पीछे घुड़ सवार दल, पुलिस का बैंड, सशस्त्र जवानों की टुकड़ियां व चांदी की पालकी में भवगान महाकाल दर्शन देते हुए निकले। हाथी पर मनमहेश, गरुड़ के रथ पर शिव तांडव के भी दर्शन हुवे। नए स्वरूप में इस बार नंदी के रथ पर उमा-महेश ने नगर भ्रमण किया। इसके बाद भादो की पहली सवारी 11 अगस्त व दूसरी सवारी 18 अगस्त को आएगी जो अंतिम व राजसी सवारी होगी।
पर्यटन की झाकियां निकली, जनजातीय कलाकारों ने शिप्रा तट पर प्रस्तुति दी
सवारी में मध्यप्रदेश राज्य के वन्य जीव पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, ऐतिहासिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन की झाकियां भी विशेष रूप से शामिल थी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप महाकाल की सवारी को भव्य स्वरुप देने के लिए 4 जनजातीय कलाकारों के दल ने शिप्रा के तट पर प्रस्तुति दी।
इस रूट से निकली, करोड़ो लोगों ने
लाइव प्रसारण देखा
सवारी महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शिप्रा तट रामघाट पहुंची जहॉ शिप्रा के जल से भगवान का अभिषेक किया गया। सवारी पूजन के बाद रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, जगदीश मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौक, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए पुन: मंदिर पर समाप्त हुई। सवारी का लाइव प्रसारण मंदिर समिति के फेसबुक पेज पर व सवारी के अंत में चलित रथ में एलईडी पर किया । इसके अलावा फ्रीगंज, दत्त अखाडा, नानाखेड़ा आदि क्षेत्रों में एलईडी से प्रसारण हुवा। देश विदेश के करोड़ो लोगों ने सवारी लाइव देखी।
