जम्मू, (वार्ता) राष्ट्रीय जलविद्युत निगम की ने अपने क्षेत्रीय कार्यालय जम्मू और राहत एवं पुनर्वास आयुक्त (चिकित्सा) कार्यालय, जम्मू-कश्मीर के माध्यम से रविवार को थलवाल गांव, जम्मू में भद्रकाली मंदिर को सांस्कृतिक विरासत केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया।
उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने राजभवन में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत एनएचपीसी की पहल की सराहना की।
जम्मू के थलवाल में निक्की तवी नदी के तट पर स्थित भद्रकाली मंदिर, विशेष रूप से कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए, एक पूजनीय तीर्थस्थल है जिसका गहरा महत्व है। यह उनकी अटूट आस्था और उनकी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक शक्तिशाली प्रतीक है। यह मंदिर देवी का नया घर माना जाता है, जो कश्मीर के हंदवाड़ा के वादीपोरा स्थित ऐतिहासिक भद्रकाली मंदिर की तरह है।
उपराज्यपाल ने कहा कि हम अपनी विरासत को संरक्षित करने और सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक पहचान को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 6.60 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत किए जाने वाले कार्यों में घाटों का विकास, पार्किंग का निर्माण, यज्ञशाला का निर्माण, सुरक्षा दीवार और परिसर की दीवार का निर्माण, मौजूदा भवन की फिनिशिंग और द्वार का निर्माण शामिल है।
इस अवसर पर जम्मू के संभागीय आयुक्त श्री रमेश कुमार; राहत एवं पुनर्वास (एम) आयुक्त, जम्मू डॉ. अरविंद करवानी; महाप्रबंधक (सिविल) श्री पंकज वशिष्ठ और एनएचपीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
