ओंकारेश्वर : श्रावण मास की चौथी अंतिम शाही महासवारी कल 2.00 बजे मंदिर से ढोल धमाकों के साथ व भक्तों के साथ निकलेगी । सजी-धजी पालकी में ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर विराजमान रहेंगे, 51 ढोलक रहेंगे मंदिर से निकलकर कोटी तीर्थ घाट पर ज्योतिर्लिंग ओकार महाराज की रजत प्रतिमा का पूजा अर्चन विद्वान पंडितो द्वारा किया जाएगा। दूध, दही ,शहद, घी ,शक्कर एवं सुगंधित द्रव्यों से एवं नर्मदाजी के पवित्र जल से अभिषेक पूजन किया जाएगा । महाआरती के बाद गुलाल और गुलाब की पंखुडिय़ां उड़ा कर वातावरण शिवमय हो जाएगा ।
दक्षिण तट पर श्री ममलेश्वर महादेव की पालकी निकलेगी सजी हुई पालकी में श्री ममलेश्वर भगवान सवार होकर गौ मुख घाट पहुंचेंगे । विद्वान पंडितों द्वारा पूजा अर्चना कराई जाएगी । आरती के बाद दोनों पालकियों को पवित्र नर्मदाजी में नौका विहार कराया जाएगा ।दोनों पालकियों को गौ मुख घाट उतरकर कर विशाल रूप में आगे बढ़ेगी ।
श्री ममलेश्वर मंदिर के सामने से ब्रम्हपुरी श्री गजानन भक्त निवास डंडी आश्रम होकर बालवाड़ी, पुराना बस स्टैंड होकर मुख्य बाजार होकर जेपी चौक होकर पुराने पुल से मुख्य मार्केट होकर रात्रि 10बजे मंदिर पहुंचेगी ।नंदी दुपाड़ा हाथी ऊंट भजन मंडलिया ढोलक की थाप पर नाचते युवक भोले शंभू भोले नाथ का उद्घोष करते भक्तगण नजर आएंगे। हजारों भक्त शाही पालकी का आनंद लेते हुए निहारेंगे दोनों ओर से भक्तगण गुलाल एवं गुलाब की पंखुड़ी उड़ाएंगे। कपूर आरती कर अभिवादन करेंगे। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए।
