
जबलपुर। मध्य प्रदेष हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाडा मामले में सीबीआई, इंडियन नर्सिंग काउंसिल और मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल को हलफनामा के साथ प्रगति रिपोर्ट पेश करने निर्देश जारी किये है। युगलपीठ ने सीबीआई को निर्देशित किया है कि जांच में किन-किन व्यक्तियों या संस्थानों की संलिप्तता पाई और दोषियों के विरुद्ध की गयी दंडात्मक कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी पेश करें।
गौरतलब है कि लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की तरफ से अधिवक्ता विशाल बघेल की तरफ से दायर जनहित याचिका में प्रदेश में खुले सैकड़ों फर्जी नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया को चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि निर्धारित शर्ताे का पालन नहीं करने के बावजूद भी कागजों में संचालित नर्सिंग कॉलेजों को मान्यता प्रदान की गयी है। हाईकोर्ट ने याचिका की सुनवाई करते हुए प्रदेश में संचालित नर्सिंग कॉलेज की जांच के निर्देश सीबीआई को दिये थे।
सीबीआई जांच के दौरान प्रदेश में संचालित 8 सौ नर्सिंग कॉलेजों में से करीब 6 सौ कॉलेज अनुपयुक्त या कमियों से भरे पाए गए थे। इन संस्थानों में भवन, लैब, लाइब्रेरी, अनुभवी शिक्षक और सौ बिस्तरों वाले अस्पताल जैसी अनिवार्य सुविधाएं नहीं थी। कई कॉलेज केवल कागजों पर चल रहे थे और कई प्रिंसिपल और शिक्षक 15-15 कॉलेजों में एक साथ कार्यरत दर्शाए गए थे।
याचिका पर पिछली सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि प्रदेश में जीएनएम कोर्स संचालित करने वाले जो 117 नर्सिंग कॉलेज सीबीआई जांच में अपात्र पाये गए थे। इन कॉलेज के छात्रों को सुटेबल कॉलेज में स्थानांतरित करने के आदेश हाई कोर्ट द्वारा दिये गये थे। आदेश का परिपालन अभी तक नहीं किया गया है। इन कॉलेजों की अंतिम वर्ष की परीक्षाएं 28 अप्रैल से प्रस्तावित है। युगलपीठ ने हाईकोर्ट की अनुमति के बगैर कोई भी परीक्षाओं का आयोजन नहीं किया जाने के आदेश जारी किये थे।
याचिका पर मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद युगलपीठ ने उक्त आदेश जारी किये। युगलपीठ ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल और मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल को समय-समय पर अनुपयुक्त और मानक विहीन कॉलेजों को मान्यता देने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध की गयी कार्यवाही के संबंध में हलफनामा पेश करने के आदेश जारी किये है। याचिका की सुनवाई के दौरान एमपी नर्सिंग काउंसिल ने परीक्षाओं के आयोजन तथा परिणामों की घोषणा की अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। युगलपीठ ने दोनों आवेदन लंबित रखते हुए अगली सुनवाई 12 मई को निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने पैरवी की।
