शिवपुरी: शिवपुरी के 20 गांवों में बाढ़ से 700 मकानों को नुकसान पहुंचा है। यहां 70 साल बाद बाढ़ से मकान गिरे हैं, अनाज सड़ गया और फसलें बह गई। सैकड़ों घरों में खाने के लिए कुछ भी नहीं बचा है।शिवपुरी के गांवों में सिंध नदी की बाढ़ से कच्चे मकान ढह गए।शिवपुरी जिले में आई विनाशकारी बाढ़ ने पिछले सात दशकों के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
कोलारस विधानसभा क्षेत्र के 20 गांवों में सिंध नदी की उफनती लहरों ने जो तबाही मचाई है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक दर्दनाक यादगार बन गई है। लोगों को जान बचाने के लिए अपने घरों को छोड़कर भागना पड़ा। रात के अंधेरे में आई इस आपदा ने न केवल मकानों को निगल लिया, बल्कि लोगों की मेहनत से उगाई फसलों और जीवन भर की जमा पूंजी को भी बारिश अपने साथ बहा ले गई।
बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे उतर रहा है, लेकिन अब कच्चे मकान मिट्टी में मिल गए हैं। खेतों में लहलहाती फसलें कीचड़ में तब्दील हो गई हैं और घरों में रखा अनाज अंकुरित होकर बेकार हो चुका है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसी भयंकर बाढ़ कभी नहीं देखी। प्रशासन और सेना के जवान राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। करीब 700 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है। स्वास्थ्य शिविरों में बीमारी के मामले भी सामने आ रहे हैं।
