पहली तिमाही में केंद्र का राजकोषीय घाटा बजट अनुमान का 17.89 प्रतिशत रहा

नयी दिल्ली, (वार्ता) केंद्र का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में 2,80,732 करोड़ रुपये रहा जो बजट अनुमानित वार्षिक घाटे के 17.89 प्रतिशत के बराबर है।

राजकोषीय घाटा सरकार के कुल व्यय से कुल आय के अंतर से तय होता है।

वित्त मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी आँकड़े में बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जून 2025 के दौरान कुल आय 9,41,395 करोड़ रुपये और कुल व्यय 12,22,127 करोड़ रुपये रहा। इस प्रकार राजकोषीय घाटा 2,80,732 करोड़ रुपये रहा जो बजट अनुमान का 17.89 प्रतिशत है।

सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में राजकोषीय घाटा 15,68,936 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है जो सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.4 प्रतिशत के बराबर है।

मंत्रालय ने बताया कि पहली तिमाही में केंद्र सरकार की कर प्राप्तियां 5,40,316 करोड़ रुपये और गैर-कर प्राप्तियां 3,73,061 करोड़ रुपये रहीं। इस दौरान गैर-ऋण पूँजीगत आय 28.018 करोड़ रुपये रही। केंद्र सरकार ने पहली तिमाही के दौरान कर में राज्यों को उनके हिस्से के रूप में 3,26,941 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जो पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उन्हें हस्तांरित इस मद की राशि के मुकाबले 47,439 करोड़ रुपये अधिक है।

इस दौरान केंद्र के कुल व्यय में 9,46,995 करोड़ रुपये राजस्व मद में और 2,75,132 करोड़ रुपये पूँजीगत मद में खर्च किया गया। राजस्व मद में 3,86,037 करोड़ रुपये की राशि ब्याज के भुगतान में तथा 83,554 करोड़ रुपये सब्सिडी के भुगतान पर खर्च हुई।

 

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