पेरिस, 30 जुलाई (वार्ता) फ्रांस इस बात पर जोर दे रहा है कि अमेरिका शैंपेन और वाइन सहित अन्य मादक पेय पदार्थों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए आयात शुल्कों में छूट दे। फाइनेंशियल टाइम्स अखबार ने एक फ्रांसीसी अधिकारी के हवाले से यह जानकारी दी।
रविवार को यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते के बाद ब्रुसेल्स और पेरिस में इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गयी है कि किन वस्तुओं को अमेरिका द्वारा आयातित अधिकांश यूरोपीय वस्तुओं पर लागू 15 प्रतिशत आयात शुल्क से छूट मिलेगी।
रिपोर्ट में हालांकि बताया गया कि अमेरिकी अधिकारियों ने कथित तौर पर कहा है कि शैंपेन सहित स्पिरिट और वाइन पर कोई छूट नहीं होगी। यह भी बताया गया है कि फ्रांस यूरोपीय संघ के बाहर के देशों को शराब का सबसे बड़ा निर्यातक है, और लगभग एक तिहाई फ्रांसीसी शराब का निर्यात अमेरिका को होता है।
अखबार की रिपोर्ट के अनुसार इसी समय फ्रांस के विदेश व्यापार मंत्री लॉरेंट सेंट-मार्टिन ने सुझाव दिया कि उनका देश कॉन्यैक और अन्य मजबूत मादक पेय पदार्थों को अमेरिकी आयात शुल्क से छूट देने के करीब है।
अखबार ने सेंट-मार्टिन के हवाले से कहा, “हम समझते हैं कि स्पिरिट्स को वास्तव में छूट दी गई है।” रिपोर्ट में कहा गया है कि फ्रांस की मादक पेय पदार्थों को अमेरिका के आयात शुल्क से छूट देने की इच्छा का इटली ने समर्थन किया, जो यूरोपीय संघ में शराब का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच 27 जुलाई को एक समझौता हुआ जिसके तहत अमेरिका को यूरोपीय संघ के अधिकांश निर्यात पर 15 फीसदी टैरिफ लगेगा। यूरोपीय संघ ने 750 अरब डॉलर मूल्य के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद खरीदने का भी वादा किया।
