
छतरपुर। मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, छतरपुर के नए कुलगुरु के रूप में डॉ. राकेश सिंह कुशवाह की नियुक्ति की है। यह नियुक्ति 1 दिसंबर 2025 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
यह निर्णय उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 28 नवंबर को जारी उस अधिसूचना के बाद लिया गया, जिसमें मध्यप्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 52(1) के तहत विश्वविद्यालय प्रशासन में हस्तक्षेप की आवश्यकता जताई गई थी। डॉ. कुशवाह इससे पहले जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर में प्रोफेसर एवं कुलसचिव के पद पर कार्यरत थे। उनकी सेवा शर्तें विश्वविद्यालय के परिनियम-1 के अनुसार रहेंगी।
पूर्व कुलपति को बर्खास्त किए जाने के बाद नियुक्ति
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर शुभा तिवारी को वित्तीय अनियमितताओं और कुप्रबंधन की शिकायतों के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने राज्यपाल के आदेश पर पद से हटा दिया था। उसी खाली पद पर आगामी आदेश तक डॉ. कुशवाह को कुलगुरु नियुक्त किया गया है।
विश्वविद्यालय में क्यों लागू की गई धारा 52?
विश्वविद्यालय में लगातार बढ़ रही अनियमितताओं और शिकायतों के बाद शासन ने प्रशासनिक नियंत्रण अपने हाथ में लेते हुए धारा 52 लागू कर दी। इस धारा के तहत विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद भंग कर दी जाती है और कुलपति के सभी अधिकार शासन अपने अधीन ले लेता है।
