श्रीनगर 29 जुलाई (वार्ता) केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने युवाओं से आग्रह किया कि भाषा, संप्रदाय, धर्म से ऊपर उठकर सार्वजनिक अव्यवस्था फैलाने वालों का सामूहिक विरोध करें।
श्री सिन्हा ने बारामूला में आयोजित कशूर रीवाज समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में कुछ ऐसे आराजक तत्व हैं जो आतंकवाद और मासूम लोगों की हत्या को सही ठहराने की कोशिश करते हैं तथा लाखों युवाओं से सपने एवं उनकी आकांक्षाएँ छीन लेते हैं।
उन्होंने मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में युवाओं से सहयोग का अह्वान करते हुए कहा कि हमें उन युवाओं को भी समाज की मुख्यधारा में लाना है जो नशे की लत में बर्बाद हो रहे हैं।
उपराज्यपाल ने बारामूला के 20,000 युवाओं को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि लडीशाह और कैलिग्राफी के लिए इतनी बड़ी संख्या में एक साथ आकर आपने एक विश्वकीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि समाज के विभिन्न वर्गों को अपनी संस्कृति से जुड़ने, अपनी विरासत और मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।
उन्होंने इस बेहतरीन प्रयास के लिए भारतीय सेना और बारामूला जिला प्रशासन की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, ”मैं भारतीय सेना के समर्पण और संकल्प की प्रशंसा करता हूँ। वह न केवल देश की एकता की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि इस क्षेत्र की संस्कृति के रक्षक की भूमिका भी निभा रहे हैं। साथ ही लगातार लाखों युवाओं की अकांक्षाओं और सपनों को भी पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। विविधता में एकता भारतीय संस्कृति की पहचान है। भारतीय सेना ने इस ताकत का उपयोग साहित्य, संगीत, कला, खेल के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसरों के सृजन और समाज की भलाई के लिए किया है।”
श्री सिन्हा ने भारत सरकार और जम्मु कश्मीर प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू कश्मीर के युवाओं का सश्क्तिकरण हमारा उद्देश्य है। संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण के अनुरूप हम जम्मू कश्मीर के युवाओं की अकांक्षाओं को देश की अकांक्षाओं के साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि युवाओं की उम्मीदें और सपने शांतिपूर्ण माहौल में ही पनप सकते हैं। पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद और अलगाववाद ने जम्मू कश्मीर से शांति, प्रगति और उसके युवाओं के सपनों को छीन लिया था, लेकिन अब जम्मू कश्मीर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
