
दतिया। चंबल रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक सुनील कुमार जैन का दतिया दौरा औपचारिकता बनकर रह गया। पुलिस लाइन में चल रहे प्रशिक्षण वर्ग को उन्होंने संबोधित तो किया, मगर जब मीडिया ने जमीनी हकीकत से जुड़े तीखे सवाल पूछे, तो डीआईजी जैन चुप्पी साध गए। प्रमोद पावन की संदिग्ध आत्महत्या, रेत माफिया की बेलगाम गतिविधियां और जुआ के काले कारोबार जैसे गंभीर मुद्दों पर उन्होंने या तो कोई ठोस जवाब नहीं दिया या बात को टाल दिया।
डीआईजी जैन ने मंच से पुलिसकर्मियों को ईमानदारी, कर्तव्यपरायणता और अनुशासन का पाठ पढ़ाया, लेकिन मीडिया के सवालों के सीधे जवाब नहीं दिए। जब उनसे प्रमोद पावन आत्महत्या मामले में सवाल किया गया, तो उन्होंने जांच की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि जांच अब तक कहां तक पहुँची है और पुलिस विभाग की क्या जिम्मेदारी तय की गई है?
दतिया में अवैध रेत खनन और पुलिस संरक्षण को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। मगर सुनील जैन ने रेत माफिया पर सवालों के जवाब में सिर्फ इतना कहा कि “पुलिस सजग है और कार्रवाई कर रही है” जबकि धरातल पर माफिया का तांडव जस का तस जारी है। अब तक न तो कोई बड़ी कार्रवाई हुई है और न ही किसी पुलिस अधिकारी पर गाज गिरी है।
दतिया जिले में जुए का काला कारोबार दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण अंचलों से लेकर शहर तक खुलेआम चल रही यह गतिविधि आमजन और युवा पीढ़ी को खोखला कर रही है। हाल ही में कई वायरल वीडियो और शिकायतों के बावजूद, जब इस मुद्दे पर सवाल किया गया, तो डीआईजी जैन ने इस पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
