सतना: शहर के वार्ड क्रमांक 39, गली नंबर 1 में नाली निर्माण कार्य ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। नगर निगम द्वारा शुरू किया गया यह निर्माण कार्य अब सेंट पॉल स्कूल के कथित अवैध कब्जे और स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण सुर्खियों में है।स्थानीय रहवासियों और सूत्रों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने नाली के ऊपर पहले से ही पक्का निर्माण कर लिया है, जिसे अब वैध करने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में नगर निगम और स्थानीय पार्षद की चुप्पी ने लोगों के बीच आक्रोश को और बढ़ा दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, सेंट पॉल स्कूल ने नाली के रास्ते पर अपनी चारदीवारी और अन्य निर्माण कार्य कर लिया है, जिससे नाली का मूल स्वरूप बाधित हो गया है। हैरानी की बात यह है कि नाली की खुदाई का कार्य स्कूल परिसर के अंदर से किया जा रहा है। रहवासियों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि बाहर से नाली की सीधी रेखा दिखाने के बजाय, इसे अंदरूनी हिस्से से पूरा दिखाया जा सके। इससे न केवल निर्माण कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि यह भी आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में सार्वजनिक नाली का पानी घरों के अंदर से गुजर सकता है, जिससे रहवासियों को भारी असुविधा होगी।
नाली के रास्ते पर कब्जा
वार्ड 39 के निवासियों का कहना है कि नाली निर्माण का कार्य शुरू होने के बाद से ही स्कूल प्रबंधन की ओर से रुकावटें पैदा की जा रही हैं। एक स्थानीय निवासी, रमेश तिवारी ने बताया, स्कूल ने पहले ही नाली के रास्ते पर कब्जा कर लिया था। अब निगम के लोग स्कूल के अंदर से नाली खोद रहे हैं, जो कि पूरी तरह गलत है। अगर ऐसा ही चलता रहा, तो हमारे घरों के सामने गंदा पानी जमा होगा और बीमारियां फैलेंगी। रहवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय पार्षद इस मामले में पूरी तरह मौन हैं और उनकी ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
क्या घरों के अंदर से गुजरेगी नाली?
नाली निर्माण की इस अनियमितता ने एक अहम सवाल खड़ा किया है क्या अब सार्वजनिक नाली को घरों के अंदर से गुजारने की योजना बन रही है? विशेषज्ञों का कहना है कि अगर नाली का निर्माण स्कूल परिसर के अंदर से किया गया, तो यह न केवल तकनीकी रूप से गलत है, बल्कि इससे जल निकासी की पूरी व्यवस्था ही चरमरा सकती है। इससे बारिश के मौसम में जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ सकती है, जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ेगा।
