चित्रकूट के लिए विशेष अधिनियम बनाये जाने हेतु सुझाव आमंत्रित

सतना /चित्रकूट :में भारत के विभिन्न स्थानों से प्रतिदिन लगभग 30 हजार श्रद्वालु, आते है। इसके अलावा प्रत्येक माह अमावस्या मेला के दिन लगभग 5 लाख श्रद्वालु एवं पाँच दिवसीय दीपावली मेला के दौरान लगभग 30 लाख श्रद्धालु आते हैं। चित्रकूट विकास के संबंध में वर्तमान में शासन द्वारा एकीकृत शहरी विकास योजना बनाई गई है। साथ ही भारत सरकार, राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से संबंधित चित्रकूट में विभिन्न विकासात्मक गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं।

चित्रकूट क्षेत्र में विभिन्न धार्मिक एवं पयर्टन स्थल विद्यमान हैं। जो शासकीय एवं वन विभाग की जमीन के साथ-साथ निजी जमीन में भी स्थित हैं। कुछ मंदिरों में कलेक्टर प्रबंधक दर्ज है एवं कुछ मंदिरों में निजी ट्रस्ट या निजी मंदिर दर्ज हैं।कलेक्टर सतना डॉ. सतीश कुमार एस ने बताया कि वर्तमान में जो श्रद्धालु चित्रकूट आ रहे हैं एवं चित्रकूट के विकासात्मक गतिविधियों के कारण आने वाले समय में कई गुना श्रद्धालु बढ़ सकते हैं। जिनके लिए आवागमन एवं अन्य विभिन्न सुविधायें उपलब्ध कराना शासन एवं प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है। साथ ही भीड़ नियंत्रण की दृष्टि से भी कई कार्य किया जाना होगा।

इस हेतु जनहित में प्रभावी कार्य किये जाने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश माँ शारदा देवी मंदिर अधिनियम 2002 एवं महाकाल अधिनियम 1982 के तर्ज पर चित्रकूट के लिए भी विशेष अधिनियम बनाए जाने के संबंध में समस्त आम नागरिकों एवं प्रबुद्धजनों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। जो कि कार्यालय चित्रकूट विकास प्राधिकरण प्राचीन मुखार बिंदु चित्रकूट के कार्यालयीन समय प्रातः 10 बजे से सायं 6 बजे तक एवं ई-मेल आई.डी cdasatna@gmail.com पर 8 दिसंबर 2025 तक आम नागरिक अपने सुझाव दे सकते है।

Next Post

केन्द्रीय जेल में ली गई एकता की शपथ

Sat Nov 1 , 2025
सतना: राज्य शासन व जेल मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार जेल अधीक्षक श्रीमती लीना कोष्टा के मार्गदर्शन में केन्द्रीय जेल सतना के जेल स्टॉफ व बंदियों ने 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 वी जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ ग्रहण की।एकता. अखण्डता और सुरक्षा […]

You May Like