सागर। हम सब मिलकर आज राजनीति से हट कर एक और सेवा प्रकल्प शुरू कर रहे हैं। बेटियों की शिक्षा में सहायता करने के लिए महाराणा प्रताप सामुदायिक भवन में 40 छात्राओं को निशुल्क आवासीय सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने के इस प्रकल्प में बेटियां अच्छी शिक्षा ले कर समाज को संस्कार, संस्कृति और समृद्धि की ओर ले जाएंगी। यह उद्गार पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक भूपेन्द्र सिंह ने बामोरा में नवनिर्मित महाराणा प्रताप कन्या छात्रावास में छात्राओं के प्रवेश कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। पूर्व मंत्री श्री सिंह ने कहा कि शिक्षा किसी भी धन से श्रेष्ठ है। समाज को आगे बढ़ना है तो बेटियों की शिक्षा को समाज के विकास का पैमाना बनाना होगा। समाज जब तक बेटे और बेटियों को उन्होंने कहा कि यह छात्रावास 40 छात्राओं की निःशुल्क व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। इसका प्रथम तल निर्माण कर अगले वर्ष 80 छात्राओं की क्षमता तक बढ़ा देंगे और आवश्यकता के अनुसार परिसर में एक और भवन बना कर इस आवासीय व्यवस्था को 500 छात्राओं की क्षमता योग्य बनाएंगे।
छात्रावास के निर्माण में हुए आय व्यय का पत्रक सौंपा गया। क्षत्रिय महासभा के वरिष्ठ संरक्षक चतुर्भुज सिंह राजपूत ने कहा कि 18 जुलाई,1946 को क्षत्रिय समाज के दानवीर डॉ. हरी सिंह गौर ने मकरोनिया की मिलिट्री बैरक में सागर विश्वविद्यालय के रूप में शिक्षा केन्द्र की शुरुआत की थी, यह दूसरा अवसर है जब क्षत्रिय समाज ने यह कन्या छात्रावास आरंभ कर सागर से शिक्षा के लिए एक और पहल की है और संयोग से यह भी जुलाई माह में ही हुई है। उन्होंने बताया कि सन् 1955 में भूपेंद्र सिंह जी के पिता स्व श्री अमोल सिंह ने क्षत्रिय समाज के समक्ष यह प्रस्ताव रखा था कि उच्च अध्ययन की व्यवस्था के लिए छात्रावास आदि की सुविधा के लिए क्षत्रिय समाज संकल्प ले तो इसके लिए वे बामोरा में दस एकड़ भूमि उपलब्ध करा देंगे लेकिन तब की परिस्थितियों में दूरी की वजह से उनके प्रस्ताव पर अमल नहीं हो सका। इस संकल्प को उनके पुत्र भूपेंद्र सिंह ने पूरा करके दिखा दिया। कार्यक्रम को राजकुमार सिंह सुमरेड़ी, पूर्व सांसद राजबहादुर सिंह, साहब सिंह सागौनी ने भी संबोधित किया। क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष लखन सिंह बामोरा ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई व आय व्यय पत्रक समाज के सामने रख कर वितरित भी किया। स्वागत भाषण क्षत्रिय महासभा की महिला शाखा अध्यक्ष श्रीमती प्रीति सिंह ने किया। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक सिंह गौर व आभार प्रदर्शन जगदीश सिंह सोलंकी ने किया।
