गणेश मंदिर के पुजारी पर हमले का प्रयास, गिरफ्तार

सीहोर. पुराने किसी विवाद को लेकर शहर के प्राचीन व प्रसिद्ध श्री चिंतामन गणेश मंदिर के पुजारी पर हमला करने धारदार हथियार लेकर पहुंच गया. इस दौरान उसने मंदिर में पुजारी के साथ गाली- गलौच करते हुए उस पर हमला करने का प्रयास किया, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने किसी तरह बीच- बचाव किया. बाद में पुजारी ने धार्मिक संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ मंडी थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया. पुलिस ने तत्परता से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

जानकारी के अनुसार शहर के प्राचीन श्री चिंतामन गणेश मंदिर के व्यवस्थापक पं.पृथ्वीवल्लभ दुबे के पुत्र जयेन्द्र दुबे मंदिर में पूजापाठ करते हैं. बताया जाता है कि शनिवार की दोपहर जयेन्द्र दुबे जब मंदिर में मौजूद थे तभी वहां कस्बा निवासी 75 वर्षीय महेश यादव वहां पहुंचा. इस दौरान उसकी पुजारी जयेन्द्र से कुछ बातचीत हुई. फिर उसने अपने पास रखे एक झोले में से धारदार हथियार निकाला और पुजारी जयेन्द्र से गाली- गलौच करते हुए हमला करने का प्रयास करने लगा. यह देखकर मंदिर प्रांगण में प्रसाद की दुकान संचालक लोकेश सोनी वहां पहुंचा और बीच- बचाव करने का प्रयास किया तो धारदार हथियार लिए महेश ने उसे भी धक्का देकर दूर किया. महेश ने कई बार जयेन्द्र पर धारदार हथियार से हमला करने का प्रयास किया, लेकिन लोकेश सोनी व मंदिर के अन्य सेवकों की सतर्कता के चलते वह हमला करने में सफल नहीं हो सका. इसके बाद वह जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गया.

बताया जाता है कि जब आरोपी महेश यादव पुजारी जयेन्द्र के साथ गाली- गलौच करते हुए हमले का प्रयास कर रहा था तब वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में उसकी करतूत कैद हो गई. इसके अलावा वहां मौजूद लोगों ने भी अपने मोबाइल में वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया. इससे लोगों में आक्रोश का माहौल निर्मित हो गया. विश्व हिन्दू परिषद बजरंग दल के कई कार्यकर्ता मंडी थाने पहुंचे. पुजारी जयेन्द्र ने भी मंडी थाने पहुंचकर आरोपी महेश यादव के खिलाफ आवेदन देते हुए कार्रवाई की मांग की. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.

लेनदेन को लेकर बताया जा रहा है पुराना विवाद

गौरतलब है कि श्रीगणेश मंदिर के संचालन को लेकर पृथ्वीवल्लभ दुबे और व्यास परिवार में लंबे समय से विवाद चला आ रहा है. न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद दोनों परिवारों को एक- एक साल के लिए मंदिर की व्यवस्था का दायित्व सौंपा जाता है. आरोपी महेश यादव का कहना है कि जब दुबे परिवार का व्यास परिवार से हाईकोर्ट में प्रकरण चल रहा था तब उसने दुबे परिवार को 18 लाख रुपए दिए थे जो पृथ्वीवल्लभ दुबे द्वारा वापस नहीं लौटाए जा रहे थे. आज भी वह अपने पैसों का तकाजा करने मंदिर गया था, लेकिन जयेन्द्र ने रुपए लौटाने से इंकार कर दिया था.

आरोपी को किया है गिरफ्तार

गणेश मंदिर के पुजारी जयेन्द्र द्वारा महेश यादव के विरुद्ध आवेदन पत्र मंडी थाने में दिया था. जांचोपरांत महेश के खिलाफ अपराध धारा 296 351(2) बी एन एस 25 शस्त्र अधिनियम का प्रकरण पंजीकृत किया जाकर, आरोपी महेश यादव को गिरफ्तार किया गया है.

अभिनंदना शर्मा,
नगर पुलिस अधीक्षक

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