पचमढ़ी। क्षेत्र में श्रावण मास के अंतिम सप्ताह में आयोजित नागद्वारी मेला भक्तों की आस्था, भक्ति और सेवा का अनूठा उदाहरण बना है। चौरागढ़ से शुरू होकर 15-20 किमी की कठिन यात्रा नागद्वारी गुफा तक पहुंचती है, जिसे नागलोक का प्रवेश द्वार माना जाता है। शिवलिंग, जलधारा और नाग आकृतियां इसकी आध्यात्मिक महत्ता दर्शाती हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने सीढ़ियां, चिकित्सा शिविर, ड्रोन निगरानी और 1000 से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की है। अब तक 419 वाहनों को परमिट जारी हुए हैं। 44 सेवा मंडल निशुल्क भोजन और विश्राम की व्यवस्था कर रहे हैं। यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और सहयोग की मिसाल बन गया है।
नागद्वारी मेला: श्रद्धा, सेवा और सुरक्षा का अद्भुत संगम
