बगदाद,25 जुलाई(वार्ता) इराक ने कहा है कि देश में इस समय जो भयंकर सूखा पड़ा है उसका मुख्य कारण कम बारिश और ऊपरी देशों से पानी की कम आपूर्ति होना है जिससे पानी का भयंकर संकट उत्पन्न हो गया है।
इराकी जल संसाधन मंत्रालय के प्रवक्ता खालिद शामल ने कहा है कि यह साल 1933 के बाद से सबसे सूखा साल है और टिगरिस तथा यूफ्रेटस नदी बेसिन में पानी की आवक पिछले वर्ष की तुलना में मात्र 27 प्रतिशत ही है।
उन्होंने कहा कि देश के बांधों और जलाशयों में इस समय कुल भंडारण क्षमता का केवल आठ प्रतिशत पानी ही बचा है जो पिछले वर्ष की तुलना में 57 प्रतिशत कम है। इस कमी से देश के सभी प्रांतों में पानी की किल्लत बढ़ गयी है खासकर मध्य और दक्षिणी राज्यों में यह समस्या ज्यादा विकराल रूप ले चुकी है।
मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि पानी की आवक में लगातार कमी और ऊपरी जलधारा वाले देशों से सहयोग नहीं मिलने से जल संकट और बढ़ सकता है।
गौरतलब है कि जलवायु परिवर्तन, अनियमित बारिश और ऊपरी देशों से अस्थिर पानी की आपूर्ति से इराक को काफी लंबे समय से जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

