सुसनेर:14 जुलाई को नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने वेतन का भुगतान करने, समान वेतन दिए जाने, सेवानिवृत्ति के बाद एकमुश्त राशि दिए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते हुए हड़ताल शुरू की थी, जिसे सीएमओ ओपी नागर के आश्वासन के बाद स्थगित करवा दिया था, लेकिन सीएमओ के आश्वासन के 9 दिन बीत जाने के बाद भी आज दिनांक तक कर्मचारियों को न तो वेतन मिला है और न ही उनकी कोई मांग पूरी की गई.
कुल मिलाकर सीएमओ ने कर्मचारियों को आश्वासन का लॉलीपॉप थमा दिया और कर्मचारियों की हड़ताल खत्म करवाकर उन्हें अपने हाल पर ही छोड़ दिया. इधर, वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है. उनका कहना है कि न तो वे उनके बच्चों की स्कूल फीस भर पा रहे हैं और न ही गृहस्थी चला पा रहे हैं.
नगर परिषद की बाजार में स्थिति यह है कि हमें रोजमर्रा का सामान भी कोई दुकानदार उधार देने को तैयार नहीं है. कर्मचारियों को नगर परिषद समय पर वेतन का भुगतान नहीं कर पाती है. इस वजह से कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाता है. जबकि ये कर्मचारी सुबह 5 बजे उठकर के पूरे नगर की साफ-सफाई करते हैं. दरअसल, शासन चुंगी के रूप में मिलने वाली राशि से नगर परिषद ठेकेदारों के लाखों रुपए के बिलों का भुगतान कर देती है. इस वजह से भी नगर परिषद कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पाती है.
इनका कहना है
नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को शासन से चुंगी मिलने पर वेतन का भुगतान किया जाएगा. संभवत: 24 जुलाई तक चुंगी की राशि प्राप्त हो जाएगी. उनकी शेष मांगों के लिए कागज तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा.
– ओपी नागर, सीएमओ, नगर परिषद, सुसनेर
