
छतरपुर। इंग्लैंड के चेस्टर-ली-स्ट्रीट में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को 13 रनों से हराकर सीरीज़ 2-1 से अपने नाम कर ली। इस ऐतिहासिक जीत की सबसे बड़ी नायिका रहीं छतरपुर जिले की बेटी क्रांति गौड़, जिन्होंने अपनी घातक गेंदबाज़ी से न सिर्फ विरोधी टीम की कमर तोड़ी, बल्कि करोड़ों भारतीयों का दिल भी जीत लिया।
महज़ 21 वर्ष की तेज़ गेंदबाज़ क्रांति ने 9.5 ओवर में 52 रन देकर 6 अहम विकेट झटके और इंग्लैंड की पारी को ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया।
क्रांति की धुआंधार गेंदबाज़ी से भारत को ऐतिहासिक जीत
मैच में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारतीय टीम ने कप्तान हरमनप्रीत कौर की शानदार 102 रन की पारी के दम पर 318 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में इंग्लैंड की शुरुआत भले ही तेज़ रही, लेकिन क्रांति गौड़ की आग उगलती गेंदों ने मैच का रुख पलट दिया। आखिरी ओवर में लॉरेन बेल का विकेट लेकर उन्होंने भारत की जीत पर मुहर लगा दी।
छतरपुर और बुंदेलखंड में जश्न का माहौल
क्रांति के इस प्रदर्शन के बाद छतरपुर और पूरे बुंदेलखंड अंचल में उत्सव जैसा माहौल है। लोग ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी मना रहे हैं और अपने जिले की बेटी को बधाइयाँ दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनके सम्मान में पोस्ट्स की बाढ़ आ गई है।
मुख्यमंत्री मोहत यादव ने दी बधाई
“मध्यप्रदेश की बिटिया क्रांति गौड़ से आज हमारा भारत हुआ गौरवान्वित… इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक वनडे में 6 विकेट लेकर भारत को जीत दिलाने वाली छतरपुर जिले की प्रतिभाशाली खिलाड़ी क्रांति ने न केवल मैच, बल्कि करोड़ों दिल भी जीत लिए हैं।”
हरमनप्रीत ने साझा की ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ ट्रॉफी
मैच के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपनी ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ ट्रॉफी क्रांति गौड़ के साथ साझा करते हुए कहा कि “क्रांति का प्रदर्शन असाधारण रहा, टीम की जीत में उसकी भूमिका सबसे बड़ी रही।”
साधारण परिवार से निकलकर चमका सितारा
क्रांति का जन्म 11 अगस्त 2003 को छतरपुर जिले के घुवारा कस्बे में हुआ था। वह एक साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आती हैं। उनके पिता ने कठिनाइयों के बावजूद बेटी के क्रिकेट सपने को जिंदा रखा। बड़े भाई मयंक सिंह उनके पहले कोच और सबसे बड़े प्रेरक रहे।
