
गरोठ। नगर परिषद गरोठ द्वारा नव निर्मित बस स्टैंड के पीछे बनाई गई फल, सब्जी, जनरल स्टोर एवं अन्य उपयोग की दुकानों का अब तक हैंडओवर नहीं हो पाने से ये दुकानें जर्जर हो चुकी हैं और शरारती तत्वों का अड्डा बन गई हैं।
नीलामी में कुछ दुकानों की बिक्री हुई थी, लेकिन 75% राशि एकमुश्त जमा करवाने की शर्त के चलते नप ने अभी तक खरीदारों को दुकानें सुपुर्द नहीं की हैं। खरीदारों का कहना है कि वे 25% राशि जमा कर चुके हैं और शेष किश्तों में देने को तैयार हैं, लेकिन नप की सख्ती के कारण दुकानें बंद पड़ी हैं।
लंबे समय से बंद दुकानों के चलते इनके शटर टूटने लगे हैं, वहीं शराबियों और असामाजिक तत्वों की आवाजाही से स्थानीय रहवासी भी परेशान हैं। साफ-सफाई और देखरेख के अभाव में करोड़ों की लागत से बनी यह संपत्ति खस्ताहाल हो चुकी है।
सीएमओ गिरीश शर्मा ने बताया कि 75% राशि जमा होने पर दुकानों का हैंडओवर जल्द शुरू किया जाएगा। साथ ही, शरारती गतिविधियों को रोकने के लिए खाली दुकानों पर ताले भी लगाए गए हैं। स्थानीय जनों ने मांग की है कि नगर परिषद लचीलापन दिखाते हुए खरीदारों को राहत दे, ताकि दुकानें शुरू हों, रोजगार बढ़े और क्षेत्र में शांति व स्वच्छता कायम हो।
