नयी दिल्ली, (वार्ता) भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की एक बैठक में कमर्शियल कॉलों के लिए 1600 नंबर सीरीज को चरणबद्ध तरीके से अपनाने पर सहमति बनी है।
ट्राई की संयुक्त नियामक समिति की मंगलवार को हुयी बैठक में इस बात पर सहमति बनी। वित्तीय धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के लिए लंबे समय से वाणिज्यिक कॉलों के लिए अलग नंबर सीरीज की मांग की जा रही थी। प्राधिकरण ने इसकी तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन इसे लागू करने के लिए समयसीमा पर फैसला नहीं हो सका था। समिति की मंगलवार को हुयी बैठक में सभी पक्ष इस बात सहमत हुये कि अलग-अलग सेक्टरों के नियामकों से प्राप्त इनपुट के आधार पर चरणबद्ध तरीके से इसे अपनाया जायेगा।
ट्राई के मुख्यालय में यहां आयोजित इस बैठक में रिजर्व बैंक, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण, भविष्य निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रतिनिधि मौजूद थे।
इसके अलावा बैठक में ऋण तथा अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए डिजिटल सहमति पर शुरू किये गये पायलट पर भी चर्चा की गयी। इस पायलट में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के अलावा भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, एक्सिस बैंक, केनरा बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं। सभी पक्षों ने मिलकर इसे आगे ले जाने पर सहमति जतायी है।
ट्राई से अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि डिजिटल फर्स्ट इकोनॉमी में वित्तीय क्षेत्र के नियामक, डिजिटल संचार नियामक और सुरक्षा एजेंसियों के बीच तालमेल बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
