छतरपुर। छतरपुर जिले के शिवरामपुरा गांव में एक मासूम बच्ची की सांप के काटने से मौत हो गई। बच्ची को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, जिले में हो रही भारी बारिश के चलते सांप के काटने के मामलों में तेजी आई है। बीते पांच दिनों में जिला अस्पताल में ऐसे 32 मरीज लाए गए, जिनमें से 12 की जान नहीं बचाई जा सकी।
अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे सांपों का निकलना आम हो गया है। डॉक्टरों ने बताया कि अधिकतर मामलों में लोग पहले झाड़-फूंक कराते हैं और इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे मरीज की हालत गंभीर हो जाती है और मौत का खतरा बढ़ जाता है।
डॉक्टर का कहना है,
“जिन मरीजों को हम बचा पाए हैं, वे सभी सीधे अस्पताल पहुंचे थे। सांप के काटने पर झाड़-फूंक में समय गंवाना जानलेवा साबित होता है। अगर सही समय पर इलाज हो तो ऐसे मामलों में 90 प्रतिशत मरीजों की जान बचाई जा सकती है।”
चिकित्सकों ने साफ निर्देश दिए हैं: बारिश के समय जलभराव वाली जगहों पर न जाएं
झाड़-फूंक या बाबाओं के चक्कर में न पड़ें
सांप के काटने पर बिना देरी के अस्पताल पहुंचें
और सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस का पालन करें
