
लुभावने वादे कर कॉलोनाइजरों ने बेच दिए प्लॉट, मूलभूत सुविधाओं की नहीं की व्यवस्था
सुसनेर, 17 जनवरी. शहर में तेजी से बसाहट बढ़ रही है. जगह-जगह अवैध कॉलोनियों का मकडज़ाल फैल गया है. इससे व्यवस्थाएं चोपट हो रही हैं. बसाहट बढऩे के कारण नगर परिषद निजी रूप से काटी गई अवैध कालोनियों में बसे रहवासियों को सुविधाएं मुहैया कराने में असमर्थ साबित हो रही है. व्यवस्था बिगाडऩे में जितने जिम्मेदार अवैध कॉलोनाइजर्स हैं, उतने ही राजस्व से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी भी.
नगरीय क्षेत्र के बाहरी हिस्सों में चारों दिशाओं में काटी गई इन अवैध कॉलोनियों में घर-प्लॉट लेकर हजारों परिवार मूलभूत सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं. कॉलोनाइजरों ने पक्की सडक़ बनाकर लुभावने वादे करके यह कॉलोनियां काटी थी, लेकिन अब इन कॉलोनियों में प्लॉट लेकर मकान बनाकर रहने वाले लोग बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं तक के लिए तरस रहे हैं. शासकीय विभागों में सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए कई शिकायतें लंबित हैं, लेकिन उनका निराकरण आज तक नहीं हो पाया है.
नदी किनारे से लेकर डाक बंगले तक फैला अवैध कालोनियों का जाल…
कॉलोनाइजर से राजस्व विभाग से इतना तालमेल है कि इन्होंने कंठाल नदी के किनारे से लेकर डाक बंगला क्षेत्र के बाहरी हिस्से तक में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कॉलोनियां काट दी हैं. इतवारिया बाजार में पिड़ावा दरवाजा से लेकर मोड़ी चौराहा, इंदौर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग से लगी बेशकीमती जमीन तक कॉलोनाइजरों ने नहीं छोड़ा है. इनके द्वारा काटी गई कॉलोनियों में नाली-बिजली, पानी की सुविधा नहीं रहती. घरों की गंदगी ले जाने वाले नाला भी नहीं हैं. पानी निकासी की व्यवस्था न होने से कॉलोनियों में पानी भर जाता है. कॉलोनियों में निकलने को लेकर विवाद, कोर्ट केस, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों के ढेर लगे हैं. लोग प्लॉट लेकर अपने आपको ठगा महसूस करते हैं. अवैध कॉलोनी की शिकायतों से जनप्रतिनिधि भी तंग आ चुके हैं, लेकिन आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
रेरा में रजिस्टर्ड नहीं है कॉलोनियां…
सुसनेर नगर में 2 दर्जन के लगभग अवैध कॉलोनियां हैं. जिनमें से कुछ एक ही रेरा में रजिस्टर्ड हैं. जहां पर मूलभूत सुविधाएं लोगों को मिल रही हैं. इनमें रहवासियों को मूलभूत सुविधाएं भी मिल रही हैं. इनको छोडक़र एक भी कॉलोनी ऐसी नहीं है, जहां के बाशिंदों को हर छोटी-छोटी समस्या से जूझना पड़ रहा हो. गर्मी के दिनों में इन कॉलोनियों में निजी रूप से लगाए गए नलकूप खनन भी सूख जाते हैं, ऐसे में जलसकंट भी मंडरा जाता है.
इनका कहना है
बिना बिजली-पानी की व्यवस्था किए अवैध कॉलोनी बनाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी. इसकी रूपरेखा बनाकर प्लानिंग से कार्य होगा.
– ओपी नागर, सीएमओ, नगर परिषद सुसनेर
अवैध कॉलोनियों की जांच की जाएगी और यदि कॉलोनाइजरों के द्वारा रहवासियों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं करवाई गई हैं, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी.
– विजय सेनानी, तहसीलदार, सुसनेर
