
खंडवा। परिसीमन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेता अपने-अपने सियासी हितों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रों की नई जुगत में जुट गए हैं। चर्चा है कि खंडवा विधानसभा को दो हिस्सों में बांटकर एक सामान्य और दूसरी एससी वर्ग के लिए आरक्षित करने की योजना बनाई जा रही है। इससे नेताओं को अपनी गोटी फिट करने का मौका मिल सकता है।
वहीं, खंडवा नगर निगम की सीमा विस्तार की कवायद भी शुरू हो चुकी है। निगम ने ग्राम पंचायतों को शामिल करने के लिए समितियों की बैठक आयोजित की है। मोकलगांव, सुरगांव जोशी, रोशनाई और छैगांवदेवी जैसी पंचायतों को नगर सीमा में लाने की प्रक्रिया चल रही है। इससे करीब 70 नए वार्ड बन सकते हैं। बैठक में संबंधित ग्रामों के सरपंच, प्रतिनिधि, सचिव व समिति सदस्य शामिल हुए।
नेताओं ने अपने परंपरागत क्षेत्रों को छोड़कर नए इलाकों में सक्रियता बढ़ा दी है। नगर निगम में एससी वर्ग का प्रभाव अधिक है, ऐसे में महापौर और पार्षद की दौड़ में इस वर्ग के नेता दोनों ही दलों में खासे सक्रिय हैं। निगम में आरक्षण भी इसी वर्ग के अनुसार तय होने की संभावना है।
ग्रामवासियों को बताया गया कि शहरी क्षेत्र में शामिल होने से उनकी संपत्तियों के मूल्य में वृद्धि होगी। साथ ही उन्हें आवास, नल कनेक्शन, शहरी आजीविका मिशन और पीएम स्वनिधि योजना जैसे लाभ मिलेंगे। इस विस्तार से न सिर्फ विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी, बल्कि राजनीतिक समीकरणों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
