
गुना। दिव्यांगजनों ने रविवार से ‘स्वाभिमान प्रदर्शन’ की शुरुआत की, जिसमें वे नारेबाजी या धरना नहीं, बल्कि अधिकारियों से भोजन के माध्यम से संवाद कर रहे हैं। पहले दिन वे कलेक्टर निवास पहुंचे और प्रतीकात्मक रूप से कहा – “या तो हमें भोजन कराएं या हम खिलाएं।” बाद में सभी को जनसुनवाई कक्ष में बुलाया गया, जहां कलेक्टर ने समस्याएं सुनीं और मदद का आश्वासन दिया। दिव्यांगजनों की प्रमुख मांगें हैं पेंशन 600 से बढ़ाकर 1500 करना, बस किराए में छूट, बिजली बिल में राहत और 6% आरक्षण। अब यह अभियान जनप्रतिनिधियों के घरों की ओर बढ़ेगा।
इनका कहना है
आज दिव्यांगजनों की मांगों को लेकर अनोखी पहल थी। उनकी कोशिश थी कि अधिकारी-जनप्रतिनिधियों के घर जाकर खाना के साथ अपनी मांगें रखी। चूंकि प्रशासनिक व्यवस्थाओं में कई सारी चीजें होती हैं। आपको वो बातें कहनी है जो ऑफिशियल होती है तो उसके लिए ऑफिस ही सबसे अच्छी जगह होती है। मुझे खुशी है उन्होंने मेरी बातें मानी। आज हमने उनकी बातें सुनी और अपना पक्ष भी रखा। दिव्यांगों की मांगों को लेकर डाटाबेस बनाएंगे और जो भी उनके मुद्दे हैं उनका निराकरण करने की कोशिश करेंगे। हमने उनके साथ लंच भी किया है वह संतुष्ट हैं। किशोर कन्याल, कलेक्टर गुना
