
मंडला। जिले में स्मार्ट मीटर लगाने के विरोध में जनता की आवाज लगातार तेज हो रही है। कांग्रेस ने इसे ‘स्मार्ट लूट’ करार देते हुए सरकार और बिजली कंपनियों पर जबरन मीटर लगाने का आरोप लगाया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष एड. राकेश तिवारी ने कहा कि बिना उपभोक्ताओं की सहमति के जबरन मीटर लगाए जा रहे हैं, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने इसे उपभोक्ता की मर्जी पर आधारित बताया है।
उन्होंने कहा कि पुराने मीटर में जहां बिल 300-600 रुपये तक आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद 6,000 से 20,000 रुपये तक के बिल आ रहे हैं। इतना ही नहीं, स्मार्ट मीटर में ब्लास्ट और आगजनी की घटनाएं भी सामने आ रही हैं जिससे जनता में डर का माहौल है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का काम अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस, सिक्योर मीटर्स, जेनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी कंपनियों को सौंपा गया है। इसके साथ ही विदेशी कंपनियों की भी साठ गांठ है
उपभोक्ताओं की सहमति के बिना मीटर लगाना रोका जाए।
पूर्व विधायक डॉ. अशोक मर्सकोले ने भी जागरूकता शिविर में पहुंचकर जनता की पीड़ा सुनी और अधिकारियों से जवाब मांगा। कांग्रेस ने चेताया कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस के कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
