एक्सिस बैंक के तिमाही नतीजे उम्मीद से कमजोर: मुनाफा 4% घटा, प्रावधानों में तेज बढ़ोतरी से शेयरों में 6% से ज्यादा की गिरावट; निवेशकों में चिंता

उच्च प्रावधान और ‘तकनीकी प्रभाव’ बने मुख्य कारण; एसेट क्वालिटी और NIM में गिरावट से ब्रोकरेज हाउसेज ने घटाए लक्ष्य

मुंबई, 18 जुलाई, 2025 – निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक एक्सिस बैंक के पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2025) के नतीजे बाजार की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए, जिसके चलते शुक्रवार को बैंक के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। निवेशकों की निराशा के बीच, बैंक का शुद्ध लाभ साल-दर-साल आधार पर 4% घटकर ₹5,806 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह ₹6,035 करोड़ था। विश्लेषकों ने इस तिमाही में ₹6,375.8 करोड़ के अनुमानित लाभ की भविष्यवाणी की थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि बैंक प्रदर्शन अनुमान से काफी कम रहा है।

इस कमजोर प्रदर्शन का मुख्य कारण प्रावधानों (provisions) में तेज बढ़ोतरी है। बैंक के प्रावधान बढ़कर ₹3,948 करोड़ हो गए, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹2,039 करोड़ से लगभग दोगुना हैं। बैंक ने इसे कुछ “तकनीकी प्रभाव” से जोड़ा है, जिसमें ओवरड्राफ्ट और कैश क्रेडिट खातों में स्लिपेज को पहचानने के लिए revised मानदंडों को शामिल किया गया है। बैंक ने कहा कि इन तकनीकी परिवर्तनों के कारण Q1 के एसेट क्वालिटी नंबरों पर असर पड़ा है, जिसमें ग्रॉस स्लिपेज और क्रेडिट कॉस्ट शामिल हैं। हालांकि बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 14% बढ़कर ₹11,515 करोड़ हो गया और शुद्ध ब्याज आय (NII) भी मामूली 1% बढ़कर ₹13,560 करोड़ रही, लेकिन प्रावधानों में वृद्धि ने निचली पंक्ति (bottom-line) पर सीधा असर डाला। इसके चलते, शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में एक्सिस बैंक के शेयर 6% से अधिक गिर गए और दिन के निचले स्तर ₹1,086 तक पहुंच गए।

एसेट क्वालिटी में गिरावट और NIM पर दबाव; विश्लेषकों ने दिए मिश्रित संकेत, सतर्कता की सलाह

एक्सिस बैंक के तिमाही नतीजों में एसेट क्वालिटी (परिसंपत्ति गुणवत्ता) में भी गिरावट देखने को मिली। जून 2025 तक ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) अनुपात बढ़कर 1.57% हो गया, जबकि पिछली तिमाही में यह 1.28% था। नेट NPA अनुपात भी बढ़कर 0.45% हो गया। बैंक ने बताया कि तकनीकी प्रभाव के कारण ग्रॉस स्लिपेज ₹8,200 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि पिछली तिमाही में यह ₹4,793 करोड़ था। हालांकि, बैंक ने स्पष्ट किया कि तकनीकी प्रभाव को समायोजित करने के बाद GNPA 1.41% और नेट NPA 0.36% रहता।

बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में भी गिरावट दर्ज की गई, जो सालाना आधार पर 4.05% से घटकर 3.80% पर आ गया और तिमाही-दर-तिमाही आधार पर इसमें 17 बेसिस पॉइंट की कमी आई। कई ब्रोकरेज हाउसेज ने बैंक के इन कमजोर नतीजों के बाद अपने लक्ष्य मूल्य घटा दिए हैं और स्टॉक पर अपनी रेटिंग को समायोजित किया है। कुछ विश्लेषकों ने कहा कि बैंक की कोर ग्रोथ और एसेट क्वालिटी अभी भी साथियों से पीछे है, जबकि कुछ अन्य का मानना है कि मौजूदा गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक खरीद का अवसर हो सकती है, खासकर भारतीय निजी बैंकिंग सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी को देखते हुए। हालांकि, बाजार अभी भी बैंक के एसेट क्वालिटी स्थिरीकरण पर प्रबंधन की टिप्पणियों का इंतजार कर रहा है ताकि आगे की दिशा तय की जा सके।

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