सतना:जिला पंचायत सामान्य सम्मिलन की बैठक वर्षों बाद खानापूर्ति तक सीमित रहने के वजाए लगातार छह घण्टे तक चलती रही.हालांकि कुछ मसलों में सदस्यों के बीच मतभेद भी देखने को मिले,इसके बावजूद सभी सदस्य पूरे समय तक अपने प्रस्तावों की मजूरी को लेकर डटे रहे.बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई.बैठक में प्रधानमंत्री सड़क के सभी प्रस्तावों पर आम सहमति से निर्णय लिया गया.
बताया गया है कि सबसे ज्यादा सडक रामपुर बाघेलान ब्लाक के मंजूर किए गए.पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन में कुछ मसलों को शामिल नहीं किए जाने पर सदस्यों ने आपत्ति दर्ज कराई.इस पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी संजना जैन ने आगामी बैठकों में ऐसा नहीं होने का आश्वासन दिया.पन्द्रहवें वित्त के 22-23 के प्रस्तावों को सदस्यों ने मंजूर करते हुए पोर्टल में लोड करने की अनुमति व पंचायत विभाग को बजट जारी करने के लिए पत्र लिखे जाने पर सहमति व्यक्त की.इसके विपरीत 25-26 के प्रस्तावों पर सदस्यों के संशोधन की बात को अध्यक्ष ने अस्वीकार कर दिया.इससे कुछ सदस्य असंतुष्ठ नजर आए.बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुष्मिता पंकज सिंह परिहार,ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू,रमांकान्त पयासी,हरीशकांत त्रिपाठी,संजय सिंह,देवदत्त सोनी,सुभाष बुनकर,जयंती महेश तिवारी,पूजा गुप्ता,मंजूलता सिंह,एकता सिंह,जान्हवी यादव,सावित्री त्रिपाठी,विमला कोल और विधायक प्रतिनिधि रीतेश त्रिपाठी उपस्थित रहे.
सदस्य विमला कोल हुई भावुक
बैठकों में पर्याप्त महत्व नहीं मिलने से खिन्न अदिवासी सदस्य विमला कोल बैठक में ही चर्चा के दौरान भावुक हो गई.उनका कहना था कि जिला पंचायत अध्यक्ष अदिवासी कोटे से चुने गए हैं.इसके बावजूद अदिवासियों के हितों का संरक्षण नहीं हो पा रहा है.हालांकि बाद में अन्य सदस्यों ने उन्हे समझाने की कोशिश की अध्यक्ष ने भी अपनी ओर से उन्हें उचित सम्मान मिलने का आश्वासन दिया.
अध्यक्ष ने कहा मै पद छोड़ दूगां
जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल सदस्यों के नाराजगी भरे रूख से अजीज आने के बाद बैठक के अन्त में अपनी भावना को रोक नहीं पाए .उन्होने सार्वजनिक तौर पर कहा कि कल वो जिला पंचायत अध्यक्ष नहीं रहेगे.अध्यक्ष के यह कहने पर सभी सदस्यों के बीच चर्चा का विषय बन गया.हालांकि बाद में कुछ सदस्यों की समझाइस के बाद उन्होने अपना निर्णय बदलने में सहमति व्यक्त की.
