प्रमोशन में आरक्षण मामला, दलीलें पेश, अगली सुनवाई 6 जनवरी को

जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट में गुरुवार को प्रदेश के कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने के लिए बनाए नियम को चुनौती देने वाले मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई शुरू होते ही कुछ देर याचिकाकर्ताओं की ओर से विभिन्न विभागों में आरक्षण और पदों की संख्या को लेकर कुछ डाटा प्रस्तुत किया गया। इसके बाद सरकार ने अपनी दलीलें पूरी की। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने मामले पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को नियत की है।

गौरतलब है कि भोपाल निवासी डॉ. स्वाति तिवारी व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं में मध्य प्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 को चुनौती दी गई है। दलील दी गई कि वर्ष 2002 के नियमों को हाईकोर्ट के द्वारा आरबी राय के केस में समाप्त किया जा चुका है। इसके विरुद्ध मप्र शासन ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट में मामला अभी लंबित है, इसके बावजूद मप्र शासन ने महज नाम मात्र का शाब्दिक परिवर्तन कर जस के तस नियम बना दिए। मामले में गुरुवार को सुनवाई दौरान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सीएस वैद्यनाथन ने दलील दी कि नियम बनाने के पहले सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुरूप पूरी एक्सरसाइज की गई है। नियम बनाते समय क्वांटिफायबल डाटा का परीक्षण किया गया था। इसके अलावा कर्मचारियों की प्रशासनिक क्षमता का आंकलन भी किया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप कमेटी गठित कर कैडरवाइस डाटा का परीक्षण करने के बाद पदों को आरक्षित किया गया है।

सरकार की दलीलों पर कई बार कोर्ट ने सवाल उठाए। इस दौरान शासन की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, अतिरिक्त महाधिवक्ता नीलेश यादव, जान्हवी पंडित और धीरेंद्र सिंह परमार भी उपस्थित हुए। वहीं सरकार की दलीलों के पहले याचिकाकर्ताओं की ओर से सभी वर्गों के प्रतिनिधित्व का डाटा भी पेश किया गया है। इसमें यह दावा किया गया है कि आरक्षित वर्ग के कर्मचारियों को अधिक प्रमोशन दिए गए हैं, जिस कारण एससी व एसटी वर्ग के कर्मचारी ऊंचे पदों पर पदस्थ हैं। वहीं अनारक्षित वर्ग के कर्मचारियों को कम या देरी प्रमोशन दिये गये, जिनके नाम ग्रेडेशन लिस्ट नीचे हैं।

Next Post

चेक बाउंस के आरोपी को छह माह की सजा

Fri Dec 19 , 2025
जबलपुर: प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी डॉ गौरव गर्ग की अदालत ने चेक बाउंस के आरोपी छिंदवाड़ा निवासी शुभम बन्दे को छह माह के कारावास की सजा सुनाई। परिवादी जबलपुर निवासी अंकुर श्रीवास्तव की ओर से अधिवक्ता जीएस ठाकुर, अरुण भगत, शिवमोहन बघेल व राजेश चौहान ने दलील दी कि अभियुक्त […]

You May Like